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Mango Farming Tips: किसान अगर आम की बागवानी कर रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें. इसमें सिंचाई, जैविक खाद, कीट नियंत्रण और छंटाई पर विशेष फोकस करने की जरूरत है. आम बागवानी के विशेषज्ञ राजू यादव ने कहा कि अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो उत्पादन और फल की गुणवत्ता बेहतर रहती है.
वैशाली: यदि आप भी आम की बागवानी कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए? क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी आपके बाग को भारी नुकसान पहुंचा सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि आम का पेड़ भले ही मजबूत माना जाता है, लेकिन उसकी सही देखभाल न होने पर उत्पादन कम हो जाता है. फल का आकार भी प्रभावित होता है. बदलते मौसम और बढ़ते कीट-रोग के कारण बाग मालिकों को और भी सतर्क रहने की जरूरत है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट राजू यादव से कि किन बातों का ख्याल रखना पड़ेगा.
सिंचाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान
राजू यादव बतलाते हैं कि सबसे पहले बात करते हैं सिंचाई की. आम के पेड़ को पानी की आवश्यकता मौसम के हिसाब से होती है. अधिक पानी जड़ों को सड़ा सकता है, जबकि कम पानी से पेड़ की वृद्धि रुक जाती है. इसलिए फल बनने की अवस्था में हल्की-हल्की सिंचाई बेहद जरूरी है. वहीं फूल आने के समय ज़्यादा नमी से मंजर झड़ सकता है. जिससे पूरे मौसम की मेहनत पर पानी फिर जाता है.
दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है खाद और पोषण
आम का पेड़ साल में कम से कम दो बार जैविक खाद चाहता है. गोबर खाद, नीम की खली और सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग पेड़ों को स्वस्थ रखता है और फल में मिठास बढ़ाता है. कई किसान केवल यूरिया या अन्य रासायनिक खाद पर निर्भर हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम होती जाती है. लंबे समय में बाग की सेहत बिगड़ती है.
कीट व रोग नियंत्रण भी आवश्यक
कीट व रोग नियंत्रण भी अत्यंत आवश्यक है. यदि समय पर ढाल रोग, सूंडी या फल मक्खी पर नियंत्रण न किया जाए तो आधी फसल खराब हो सकती है. जैविक दवाओं और फेरोमोन ट्रैप का उपयोग आज बेहतर विकल्प माना जा रहा है. अंत में, छंटाई यानी प्रूनिंग को नज़रअंदाज न करें. इससे नई कोपलें निकलती हैं. पेड़ संतुलित आकार में बढ़ता है. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो आम का बाग न केवल सुरक्षित रहेगा, बल्कि हर साल अच्छा, मीठा और भारी उत्पादन भी देगा.
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