खुशखबरी: दिल्ली एम्स में मिर्गी की दवाओं की जांच अब बिल्कुल फ्री

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Delhi AIIMS Mirgi marij News: दिल्ली एम्स ने मिर्गी मरीजों के लिए फेनोबार्बिटल, कार्बामाजेपाइन, वैल्प्रोइक एसिड और फिनाइटोइन की थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच निशुल्क शुरू की है. अब मरीजों को अतिरिक्त खर्चे से छुटकारा भी मिलेगा.

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दिल्ली एम्स

नई दिल्ली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी दिल्ली एम्स मिर्गी के मरीजों को एक बड़ी राहत देने जा रहा है. एम्स में अब इलाज कराने के लिए आने वाले मिर्गी की बीमारी के मरीजों को लेकर राहत भरी खबर है. एम्स प्रशासन ने मरीजों के लिए एक अच्छी पहल की है. एम्स मरीजों को थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच की निशुल्क सुविधा की शुरुआत करने जा रहा है. इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा.

एम्स प्रशासन ने एनसीआई सहित सभी विभागों और केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं कि वे मरीजों के नमूनों को जांच के लिए नामित प्रयोगशाला में भेजें. थेराप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच के तहत फेनोबार्बिटल, कार्बामाजेपाइन, वैल्प्रोइक एसिड और फिनाइटोइन दवाओं को लेकर मरीज जांच करवा सकेंगे.

इस तरह दी जाएगी सुविधा

एम्स के मीडिया सेल ने बताया कि थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच ब्लड में दवाओं के स्तर को मापने के लिए की जाती है, जिससे दवा की खुराक के प्रभाव का मूल्यांकन कर दोबारा से खुराक तय की जा सके. इस जांच में यह भी देखा जाता है कि दवा कहीं विषाक्तता तो पैदा नहीं कर रही है. मिर्गी के मरीजों को कई दवाएं दी जाती हैं,  जिसमें फेनोबार्बिटल, कार्बामाजेपाइन, वैल्प्रोइक एसिड और फिनाइटोइन दवाओं की निगरानी के लिए मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला लिया है. अस्पताल में भर्ती और ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीज जांच सुविधा का लाभ ले सकेंगे.

मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं

जांच की यह सुविधा एम्स दिल्ली के ओपीडी मरीजों को कलेक्शन सेंटर रूम नंबर 3 में सुबह साढ़े 8 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक मिलेगी. इसके अलावा झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और एम्स में भी मरीजों को यह सुविधा मिलेगी. बता दें कि बाहर मरीजों को अलग-अलग दवाओं की थेराप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच के लिए 390 रुपये से लेकर 1880 रुपये खर्च करने पड़ते थे. अब दिल्ली एम्स में यह सुविधा शुरू होने से मिर्गी के मरीजों को एक भी रुपया नहीं देना होगा.

जानें क्या होती है मिर्गी की बीमारी

मिर्गी मस्तिष्क से जुड़ी एक दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि में अचानक गड़बड़ी होने से बार-बार दौरे पड़ते हैं, जिससे व्यक्ति की जागरूकता, मांसपेशियों के नियंत्रण, संवेदनाओं और व्यवहार में बदलाव आ सकता है. यह एक बीमारी नहीं, बल्कि कई कारणों से होने वाला एक विकार है, जिसमें दो या अधिक अकारण दौरे पड़ना मिर्गी कहलाता है. इसमें मरीज या तो बेहोश हो जाता है या फिर बेहोश की स्थिति में पहुंचकर तड़पने लगता है. ऐसे मरीजों को अक्सर कार चलाने या किसी भी गाड़ी को चलाने से मना किया जाता है. रसोई में जाने से भी मना किया जाता है और तो और आग और पानी से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें

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