भारतीय बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने एक नया कंसल्टेशन पेपर जारी किया है, जिसमें Mutual Funds और Derivative Trading से जुड़ी फीस और खर्च को कम करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव के तहत ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड्स के Total Expense Ratio (TER) में 0.15% तक और Closed-End Schemes में 0.25% तक कटौती की सिफारिश की गई है। साथ ही Cash Market Brokerage को मौजूदा 12 Basis Points से घटाकर सिर्फ 2 Basis Points और Derivatives Trading के लिए 5 से घटाकर 1 Basis Point करने का सुझाव दिया गया है। SEBI का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सस्ती और निवेशक-हितैषी बनाना है। इसके अलावा, सभी Brokerage, Tax और Transaction Charges को अलग-अलग दिखाने और उनकी जानकारी पहले से सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही AMCs को Performance Linked Fees Structure अपनाने की अनुमति दी जाएगी। यह कदम भारतीय निवेशकों के लिए Cost Efficiency और Transparency बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है।
.