राज्य अलग, नाम अलग
गोलगप्पा और पुचका का पहला बड़ा फर्क उनके नाम और क्षेत्र से जुड़ा है. उत्तर भारत जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में इसे गोलगप्पा कहा जाता है. वहीं, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में यही व्यंजन पुचका के नाम से मशहूर है. अलग-अलग जगहों पर इसके और भी नाम हैं – जैसे मुंबई और गुजरात में इसे पानीपुरी कहा जाता है.
रंग और आकार
रंग और आकार पर गौर करें तो गोलगप्पे अक्सर सफेद या हल्के पीले और मध्यम साइज के होते हैं. वहीं, पुचका हल्का भूरा और आकार में थोड़ा बड़ा दिखता है. यही फर्क खाने के मज़े को और खास बना देता है.
गोलगप्पों की भरावन में उबले हुए आलू, मटर और मीठी-खट्टी चटनी डाली जाती है. यह स्वाद बच्चों और हल्का खाने वालों को ज्यादा भाता है. दूसरी तरफ पुचका में उबले हुए चने और मैश किए हुए आलू का तीखा मसालेदार मिश्रण डाला जाता है, जिसमें मिर्च और मसालों का खास तड़का होता है.
गोलगप्पे का पानी आमतौर पर खट्टा-मीठा होता है जिसमें इमली की चटनी और पुदीना डाला जाता है. जबकि पुचके का पानी बेहद तीखा और मसालेदार होता है, जिसमें हरी मिर्च, नींबू और खास मसालों का ज़बरदस्त स्वाद छिपा होता है.
स्वाद का अंदाज़
गोलगप्पे का स्वाद खट्टा-मीठा और हल्का होता है, जो बच्चों और मीठा पसंद करने वालों के लिए परफेक्ट है. वहीं, पुचका अपनी तीखेपन और चटपटे स्वाद की वजह से खास पहचान रखता है. यही वजह है कि जो लोग ज़्यादा मसालेदार खाना पसंद करते हैं, वे पुचका के दीवाने बन जाते हैं.
.