भारतीय सिनेमा इंडस्ट्री के लिए कैलेंडर वर्ष 2025 ब्लॉकबस्टर साल साबित हुआ है। ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिकॉर्ड 13,395 करोड़ रुपए रहा। यह महामारी से पहले के तीन वर्षों के औसत से 32% अधिक है, जो सिनेमाघरों में दर्शकों की मजबूत वापसी को दिखाता है। तीसरी तिमाही में दर्शकों की संख्या 4.05 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही 3.73 करोड़ से 8.6% अधिक है। बीती तिमाही टिकटों की औसत कीमत 4% बढ़कर 293 रुपए हो गई, जो सालाना आधार पर 4% ज्यादा है। साथ ही, खान-पान पर प्रति व्यक्ति औसत खर्च भी 4.2% बढ़कर 146 हो गया। इसी के चलते देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन पीवीआर आइनॉक्स ने अक्टूबर- दिसंबर तिमाही में 95.7 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया, जो सालाना आधार पर 166.5% अधिक है। कंपनी की आय भी 9% बढ़कर 1,919.6 करोड़ रुपए हो गई। इसमें 100-200 करोड़ रुपए कमाई करने वाली फिल्मों का योगदान 27% रहा। दिलचस्प है कि 2025 में 100 करोड़ रुपए से अधिक कमाने वाली 37 फिल्में रही, जो रिकॉर्ड है। पीवीआर आइनॉक्स के एमडी अजय बिजली ने कहा, ‘मजबूत कंटेंट पाइपलाइन और विस्तार की नई रणनीति के साथ कंपनी टिकाऊ विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही है। छोटे शहरों में विस्तार, 112 शहरों में 1791 स्क्रीन, दक्षिण में 33%
पीवीआर टियर 2, 3 शहरों के साथ-साथ लेह, गंगटोक जैसे नए क्षेत्रों में पहुंच बढ़ा रही है। 9 माह में 62 स्क्रीन जोड़ीं और 9 बंद कीं। इस तरह 112 शहरों में 51 स्क्रीन बढ़कर 1791 हो गई है। 33% स्क्रीन दक्षिण और 27% उत्तर में है। मूवी एग्जीबिशन सेगमेंट से कमाई चार गुना बढ़कर 159.3 करोड़ रुपए हो गई है। वित्त लागत (ब्याज खर्च आदि) को 22.2 करोड़ कम किया है, जिससे प्रॉफिट में सुधार हुआ। कंपनी को 27.1 करोड़ का टैक्स क्रेडिट मिलने से भी लाभ हुआ। क्षेत्रीय सिनेमा: मलयालम फिल्मों का कलेक्शन दूसरे साल 1,000 करोड़ पार
क्षेत्रीय फिल्मों ने 6,488 करोड़ रुपए के साथ अपना अब तक का सबसे अधिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दर्ज किया। मलयालम फिल्मों ने लगातार दूसरी बार 1,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया। 2025 में 1,164 करोड़ रुपए था। कन्नड़ (74% वृद्धि) और गुजराती (188% वृद्धि) सिनेमा ने 2025 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। .