Gold Price Today: पिछले साल के अंत में लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद आज यानी गुरुवार, 2 जनवरी 2026 को सोने की कीमतों में फिर से मजबूती देखने को मिली है. अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर के करीब 70 प्रतिशत वैश्विक संस्थागत निवेशकों को इस साल सोने की कीमतों में तेज उछाल की उम्मीद है. निवेशकों के सुरक्षित विकल्प की ओर रुख और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोना एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
गौरतलब है कि 24 कैरेट सोना मुख्य रूप से निवेश के उद्देश्य से खरीदा जाता है, जबकि 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का उपयोग आभूषण निर्माण में अधिक होता है. आज देशभर में 24 कैरेट सोना औसतन 1,35,070 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि एक दिन पहले इसका भाव 1,35,060 रुपये था, यानी मामूली तेजी दर्ज की गई है.
आपके शहर का ताजा भाव-
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां 24 कैरेट सोना 1,35,220 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1,23,960 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,01,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. इससे साफ है कि राजधानी में अन्य शहरों की तुलना में सोने के दाम थोड़े ऊंचे बने हुए हैं.
दूसरी ओर, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना 1,35,070 रुपये, 22 कैरेट सोना 1,23,810 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,01,300 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है. इन शहरों में दाम लगभग एक जैसे बने हुए हैं.
वहीं वडोदरा, अहमदाबाद, पटना और सूरत जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना 1,35,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है. इन शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव 1,23,860 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,01,350 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है. कुल मिलाकर, नए साल की शुरुआत में सोने की कीमतों में हल्की तेजी निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है.
कैसे तय होता है रेट?
सोना और चांदी के दाम रोज़ाना आधार पर तय किए जाते हैं और इसके पीछे कई कारक जिम्मेदार होते हैं. इनमें मुख्यतः निम्नलिखित कारण शामिल हैं: चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर इन धातुओं की कीमत पर पड़ता है. अगर डॉलर की कीमत बढ़ती है या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं.
भारत में सोने का अधिकांश हिस्सा आयात किया जाता है. ऐसे में सीमा शुल्क (Import Duty), GST और अन्य स्थानीय टैक्स सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं. वैश्विक बाजार में उथल-पुथल (जैसे युद्ध, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बदलाव) का सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ता है. जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर या अन्य अस्थिर संपत्तियों की बजाय सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों को चुनते हैं.
भारत में सोना केवल निवेश ही नहीं, बल्कि परंपरा और सांस्कृतिक मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इसलिए मांग अधिक होती है, जिससे कीमतें प्रभावित होती हैं. सोना लंबे समय से महंगाई के मुकाबले बेहतर रिटर्न देने वाला विकल्प रहा है. जब महंगाई बढ़ती है या शेयर बाजार में जोखिम होता है, तो लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं. यही कारण है कि इसकी मांग और कीमत हमेशा बनी रहती है.
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