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- Gold And Silver Prices Fall For Third Consecutive Day On January 1, 2026: Silver Drops ₹2,520 To ₹2,27,900 Kg, Gold At ₹1,33,151 10g
मुंबई18 मिनट पहले
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नए साल के पहले दिन आज यानी 1 जनवरी 2026 को सोने-चांदी के दाम में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 44 रुपए गिरकर 1,33,151 रुपए पर आ गया है। कल यह 1,33,195 रुपए/10g पर था।
वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 2,520 रुपए कम होकर 2,27,900 रुपए पर आ गई है। कल इसकी कीमत 2,30,420 रुपए किलो थी। आज लगातार तीसरा दिन है जब सोने चांदी के दाम में गिरावट है।
इससे पहले 29 दिसंबर को कारोबार के दौरान सोने की कीमत 1,38,161 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी की 2,43,483 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। ये दोनों का अब तक का सबसे ज्यादा भाव यानी ऑल टाइम हाई रेट है।
कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत
| कैरेट | भाव (रुपए/10 ग्राम) |
| 24 | ₹1,33,151 |
| 22 | ₹1,21,966 |
| 18 | ₹99,863 |
| 14 | ₹77,893 |
देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत
| शहर | 10 ग्राम 24 कैरेट |
| दिल्ली | ₹1,35,210 |
| मुंबई | ₹1,35,060 |
| कोलकाता | ₹1,35,060 |
| चेन्नई | ₹1,36,140 |
| जयपुर | ₹1,35,210 |
| भोपाल | ₹1,35,110 |
| पटना | ₹1,35,110 |
| लखनऊ | ₹1,35,210 |
| रायपुर | ₹1,36,060 |
| अहमदाबाद | ₹1,35,110 |
सोर्स: goodreturns (1 जनवरी, 2026)
2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई
- पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।
- चांदी का भाव भी इस दौरान 1,44,403 रुपए (167%) बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई है।
अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं?
IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।

गोल्ड में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- डॉलर कमजोर – अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे।
- जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।
- रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।
चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
- ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
- मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि चांदी की डिमांड में अभी तेजी है जिसके आगे भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में चांदी अगले 1 साल में 2.75 लाख तक जा सकती है। वहीं इस साल के आखिर तक चांदी की कीमत 2.10 लाख रुपए किलो पहुंच सकती है। वहीं अगर सोने के बात करें इसकी डिमांड में भी तेजी बनी हुई। ऐसे में अगले साल तक ये 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है।
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