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Satna News: डॉ बृहस्पति भारती ने लोकल 18 से कहा कि बकरियों के भोजन में अनाज जैसे- ज्वार, जौ, बाजरा या मक्का शामिल करें. प्रोटीन के लिए सोयाबीन, मूंगफली या सरसों की खली देना फायदेमंद रहेगा जबकि ऊर्जा के लिए गेहूं या चावल का चोकर मिलाया जा सकता है.
सतना. सर्दी का मौसम शुरू होते ही पशुपालकों के लिए बकरियों की देखभाल सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. ठंड बढ़ने के साथ ही दूध उत्पादन में गिरावट की शिकायत आने लगती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बकरियों की सही देखभाल और संतुलित खानपान का ध्यान रखा जाए, तो ठंड में भी दूध उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है. लोकल 18 से बातचीत में पशु चिकित्सक डॉ बृहस्पति भारती ने बताया कि ठंड के मौसम में बकरियों को गर्माहट, पौष्टिक आहार और समय-समय पर वैक्सीनेशन देना बेहद जरूरी है ताकि वे स्वस्थ रहें और ज्यादा दूध दें.
उन्होंने कहा कि सर्दियों में बकरियों को गुनगुना पानी पिलाना चाहिए. ठंडा पानी उनके पाचन तंत्र पर असर डालता है, जिससे दूध उत्पादन कम हो सकता है. इसके साथ ही उन्हें हरा चारा और मिनरल मिक्स नियमित रूप से देना चाहिए. बकरियों को ठंडी हवा और नमी से बचाना भी बहुत जरूरी है. अगर बकरियों को ठंड लग जाए, तो उनके शरीर की ऊर्जा दूध देने के बजाय खुद को गर्म रखने में खर्च हो जाती है.
बकरियों का टीकाकरण जरूरी
उन्होंने आगे कहा कि ठंड के मौसम में बकरियों में पीपीआर, निमोनिया सीसीपी और एंटरोटॉक्सिमिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि समय पर बकरियों का टीकाकरण नजदीकी पशु चिकित्सालय जाकर कराना चाहिए. यह टीका उन्हें सर्दी और दस्त जैसी समस्याओं से बचाता है. बाड़ों में मक्खी-मच्छर से बचने के लिए नीम के पत्तों का धुआं करना एक प्रभावी देसी उपाय है, जिससे गर्माहट भी बनी रहती है और संक्रमण का खतरा घटता है.
अनाज, खली और चोकर से बढ़ेगा दूध
डॉ बृहस्पति भारती ने कहा कि बकरियों के भोजन में अनाज जैसे- जौ, ज्वार, बाजरा या मक्का शामिल करें. प्रोटीन के लिए मूंगफली, सोयाबीन या सरसों की खली देना फायदेमंद होता है जबकि ऊर्जा के लिए गेहूं या चावल का चोकर मिलाया जा सकता है. खानपान में खनिज मिश्रण, नमक और गुड़ भी शामिल करें. इससे बकरियों का बॉडी फैट और ग्रोथ दोनों बेहतर होती है, साथ ही दूध उत्पादन में भी वृद्धि होती है.
गर्म बाड़ा और सूखा वातावरण जरूरी
डॉ भारती ने आगे कहा कि बकरियों को सर्दी से बचाने के लिए उन्हें सूखी घास बिछाकर गर्म और हवादार स्थान पर रखना चाहिए. बीमार बकरियों को स्वस्थ बकरियों से अलग रखें ताकि संक्रमण न फैले. पशु चिकित्सक सलाह देते हैं कि इन छोटे-छोटे देसी उपायों को अपनाकर पशुपालक ठंड के मौसम में भी अपनी बकरियों से भरपूर दूध उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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