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Giloy Ke Fayde Aur Nuksan: गिलोय यानी अमृता, आयुर्वेद की सबसे प्रभावशाली औषधियों में से एक है जो इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर लिवर डिटॉक्स तक में काम आती है. लेकिन हर समय इसका इस्तेमाल सही नहीं होता. आइए जानते हैं गिलोय के सही फायदे, नुकसान और सेवन का तरीका.
ऋषिकेश: आयुर्वेद में गिलोय को ‘अमृता’ कहा गया है, जिसका अर्थ है अमरता देने वाली. यह बेलनुमा पौधा भारत के लगभग हर हिस्से में पाया जाता है और अपने औषधीय गुणों की वजह से इसे सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटियों में गिना जाता है. वैज्ञानिक नाम Tinospora cordifolia वाली यह बेल शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता देती है. कोरोना काल में जब लोगों को इम्यूनिटी बढ़ाने की सलाह दी गई थी, तब गिलोय ने हर घर में अपनी जगह बना ली थी. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका सेवन सही मात्रा और तरीके से करना बेहद जरूरी है, वरना यह फायदेमंद के बजाय नुकसानदायक साबित हो सकती है.
लोकल 18 से बातचीत में आयुष विभाग के डॉ. राजकुमार बताते हैं कि गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है. इसके सेवन से बार-बार होने वाले संक्रमणों से बचाव होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को कम करते हैं और कोशिकाओं को स्वस्थ रखते हैं.
गिलोय का रस बुखार, डेंगू, मलेरिया और वायरल इंफेक्शन में राहत देने के लिए भी जाना जाता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालकर लिवर और किडनी को साफ रखती है. नियमित सेवन से लिवर डिटॉक्स होता है, जिससे त्वचा पर नेचुरल ग्लो आता है और एनर्जी बनी रहती है.
गिलोय के नुकसान
हालांकि, गिलोय जितनी उपयोगी है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है अगर इसका सेवन ज्यादा मात्रा में या बिना सलाह के किया जाए. कई शोधों में पाया गया है कि गिलोय का अधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है. यह लिवर एंजाइम्स को प्रभावित करके लीवर डैमेज का कारण बन सकता है.
डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह दिक्कत बढ़ा सकती है, क्योंकि यह ब्लड शुगर बहुत कम कर देती है, जिससे चक्कर, थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है. ऑटोइम्यून बीमारियों जैसे ल्यूपस या रूमेटाइड आर्थराइटिस से ग्रसित लोगों को इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि यह शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया को बढ़ाकर हालत को और बिगाड़ सकता है.
गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर से सलाह जरूरी
डॉ. राजकुमार सलाह देते हैं कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए. इस दौरान हार्मोनल बदलावों पर गिलोय का प्रभाव पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है. इसके अलावा, जिन लोगों को स्किन एलर्जी या पेट दर्द की समस्या होती है, उन्हें भी इसका सेवन बंद कर देना चाहिए.
सेवन का सही तरीका
गिलोय का रस सुबह खाली पेट एक या दो चम्मच पानी में मिलाकर लिया जा सकता है. इसे लगातार लंबे समय तक न लें, बल्कि बीच-बीच में कुछ दिनों का अंतर रखें ताकि शरीर पर इसका असर संतुलित रहे. ध्यान रखें कि प्राकृतिक चीजें तभी फायदेमंद होती हैं जब उन्हें सही मात्रा और तरीके से लिया जाए.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें
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