बाथरूम में लगा गीजर हार्ट अटैक का बन सकता कारण! नहाते वक्त जरूर रखें इन 7 बातों का ध्यान, वरना…

Last Updated:

सर्दियों में गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जानलेवा हो सकती है. यह गैस शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम कर देती है और दिल एवं मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डालती है. सुरक्षा के लिए बाथरूम में उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है. साथ ही, नहाने से पहले गीजर बंद करने की आदत डालना भी जरूरी है.

आइए विस्तार से जानें कि गैस गीजर का उपयोग करते समय हमसे होने वाली छोटी-छोटी गलतियां हमारे जीवन के लिए कितनी घातक साबित हो सकती हैं और हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए. गैस गीजर काम करते समय एलपीजी गैस जलाते हैं. इस दहन प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन अत्यंत आवश्यक है. यदि बाथरूम छोटा है और बिना खिड़कियों या वेंटिलेटर के पूरी तरह से बंद है, तो गीजर हवा में मौजूद ऑक्सीजन को तेजी से सोख लेगा. इससे बाथरूम में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है.

करौली

इसके अलावा, जब ऑक्सीजन की कमी होती है, तो गैस दहन प्रक्रिया के दौरान ‘कार्बन मोनोऑक्साइड’ नामक एक अत्यंत विषैली गैस निकलती है. इसका कोई रंग, स्वाद या गंध नहीं होता. इसलिए, बाथरूम में मौजूद व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि वह इस विषैली गैस को साँस के साथ अंदर ले रहा है. यह सीधे रक्त में प्रवेश करती है और मस्तिष्क और हृदय को ऑक्सीजन से वंचित कर देती है.

करौली

ठंडी हवा को अंदर आने से रोकने के लिए बाथरूम के दरवाजे और खिड़कियां कसकर बंद करके गैस गीजर का उपयोग करने से निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न होती हैं: बाथरूम में मौजूद व्यक्ति को अचानक ऐसा महसूस होता है जैसे उसके पैर और हाथ सुन्न हो रहे हों.

Add News18 as
Preferred Source on Google

करौली

चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना और ऑक्सीजन की कमी से मस्तिष्क सुन्न हो सकता है. सांस न लेने से फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है. स्थिति बिगड़ने पर व्यक्ति मौके पर ही बेहोश हो सकता है. यदि तुरंत बचाव न किया जाए तो मृत्यु भी हो सकती है.

करौली

सुरक्षा संबंधी सावधानियां: गैस गीज़र का उपयोग करने वालों को निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना चाहिए. बाथरूम में खिड़की या एग्जॉस्ट फैन अवश्य होना चाहिए. गीज़र चालू होने पर हवा का प्रवाह सुचारू रूप से होना चाहिए. यदि संभव हो, तो गैस गीज़र को बाथरूम के अंदर नहीं, बल्कि बाहरी दीवार पर स्थापित किया जाना चाहिए, और केवल गर्म पानी का पाइप ही अंदर आने देना चाहिए.

करौली

गीजर को लंबे समय तक चालू न छोड़ें. पानी गर्म होते ही इसे बंद कर देना और फिर नहाने चले जाना बेहतर है. बच्चों को नहाने भेजने से पहले गीज़र बंद कर देना चाहिए. अगर वे लंबे समय तक अंदर रहते हैं, तो बाहर से उन पर नज़र रखनी चाहिए. छोटे, हवादार कमरों में इलेक्ट्रिक गीज़र गैस गीज़र की तुलना में कुछ ज़्यादा सुरक्षित होते हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

गीजर हार्ट अटैक का बन सकता कारण! नहाते वक्त रखें इन बातों का ध्यान

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *