‘ट्रांसफर करवा दो’, गांव में बिजली कटौती के बाद विधायक और अधिकारी के बीच बहस; खूब हंगामा

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मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में बिजली कटौती को लेकर बड़ा विवाद हुआ. जहां एक बिजली अधिकारी की बीजेपी विधायक अरुण भीमावद से बहस हो गई. फोन पर हंगामा होने के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ बिजली कार्यालय चले गए और बड़े अधिकारियों को इस बारे में शिकायत की. इसके बाद वह कलेक्टर के संज्ञान में भी यह बात लेकर आए.

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बिजली कटौती के बाद विधायक की बिजली अधिकारी से बहस

शाजापुर भाजपा विधायक अरुण भीमावद और बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर झा के बीच आज एक गांव की बिजली काटने की बात को लेकर मोबाइल पर तीखी बहस हो गई. अधिकारी ने मोबाइल पर विधायक से कहा कि चाहे तो आप मेरा ट्रांसफर करवा दीजिए. इसके बाद विधायक समर्थकों के साथ बिजली कार्यालय पहुंचे, जहां कई घंटे तक हंगामा चलता रहा.

समर्थकों के साथ बिजली कार्यालय पहुंचे MLA अरुण भीमावद
विधायक अरुण भीमावद ने बिजली कार्यालय पहुंचने पर अधीक्षण यंत्री वर्मा और वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की शिकायत की. इसके बाद विधायक ने कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर झा की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई. उन्होंने मामले की शिकायत सीएमडी ऑफिस, सीएम, कार्यालय और कलेक्टर को करने की बात कही.

बिजली कार्यालय पहुंचकर विधायक अरुण भीमावद ने कहा कि कल घटना मेरे संज्ञान में आई थी. इसके बाद मैंने चंद्रशेखर झा से बात की थी, तो उन्होंने सीधा कहा कि मेरा ट्रांसफर करो. मुझे यह संज्ञान में आ रहा है कि ग्रामीण फोन लगाते हैं, तो उसका जवाब नहीं देते हैं. इसके बाद मैं कलेक्टर महोदय को भी संज्ञान में लाया हूं. शासन का नियम है कि 10 प्रतिशत जमा करवाओ और लाइट चालू कर दो. उनके व्यवहार से परेशानी आ रही है. यह अधिकारी शाजापुर के लिए ठीक नहीं है. यह अपने बीच में लड़ाई करवा देगा. गांव का आकलन कर लो और फिर उनसे पूछताछ कर लो कि वहां क्यों नहीं गए.

गांव पर बकाया है 20 लाख रुपए का बिजली का बिल
दरसल शाजापुर विधानसभा के बिकलाखेड़ी गांव पर बिजली का 20 लाख रुपए का बिल बकाया होने पर बिजली कंपनी ने तीन दिन पहले गांव की बिजली काट दी थी और इसी बात को लेकर विधायक अरुण भीमावद ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को फोन लगाया था. जबकि मंगलवार को भी बिकलाखेड़ी गांव के ग्रामीणों और बिजली कंपनी के अधिकारियों के बीच बिजली काटने की बात पर विवाद हुआ था.

बिजली कंपनी के अधिकारियों ने कही ये बात
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जिन गांवों में बिजली का भारी भरकम बिल बकाया है. निर्देश पर उन ट्रांसफार्मर की बिजली सप्लाई काट दी जाती है.

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