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बाजार के सल्फेट और पैराबेन वाले शैंपू बालों को धीरे-धीरे कमजोर और रूखा बनाते हैं. इसके बजाय घर पर बना आयुर्वेदिक शैंपू बालों को सुरक्षित, मजबूत और चमकदार बनाता है. प्राकृतिक सामग्री से तैयार यह शैंपू बालों के लिए पूरी तरह से हेल्दी विकल्प है. आइए जानते है इसके बारे में…
आजकल मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर शैंपू में सल्फेट, पैराबेन और सिलिकॉन जैसे केमिकल शामिल होते हैं, जो धीरे–धीरे बालों को कमजोर कर देते हैं. इससे हेयर फॉल, रूखापन और डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में घर पर बनाया गया आयुर्वेदिक शैंपू सबसे सुरक्षित विकल्प है. यह केमिकल–फ्री होता है, बालों की जड़ों को मजबूत करता है और उन्हें लंबे समय तक हेल्दी बनाए रखता है.

घर पर शैम्पू बनाने के लिए रीठा, आंवला और शिकाकाई बालों के लिए सबसे पुराना और असरदार कॉम्बिनेशन माना जाता है. इसे बनाना बहुत आसान है. बस इन्हें रातभर पानी में भिगो दें और सुबह उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर ठंडा कर लें. यही आपका नेचुरल शैम्पू तैयार है. इसमें कोई केमिकल नहीं होता, इसलिए बाल टूटने, झड़ने और रूखेपन की समस्या काफी कम हो जाती है.

रीठा बालों की सफाई करता है, आंवला जड़ों को मजबूत बनाता है और शिकाकाई बालों में नैचुरल शाइन लाता है. इन तीनों को एक साथ उबालकर बनाया गया घोल काफी पोषक होता है. इसे लगाने के बाद बाल न सिर्फ मुलायम होते हैं, बल्कि इसमें मौजूद विटामिन्स बालों की ग्रोथ बढ़ाने में भी मदद करते हैं. यह तरीका पुराने जमाने में भी खूब इस्तेमाल होता था.
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अगर आपकी स्कैल्प ड्राई रहती है या बार-बार डैंड्रफ की समस्या होती है, तो एलोवेरा शैंपू एकदम सही है. बस 4 चम्मच ताज़ा एलोवेरा जेल में 2 चम्मच नींबू रस और थोड़ा पानी मिलाएं. इसे स्कैल्प पर मसाज करके लगाएं और 20 मिनट बाद धो लें. यह न सिर्फ स्कैल्प को ठंडक देता है, बल्कि खुजली और रूखेपन की परेशानी भी कम करता है. यह शैंपू बालों को मुलायम भी बनाता है.

मेथी के दानों में प्रोटीन और आयरन भरपूर होता है, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है. दो चम्मच मेथी को रातभर भिगोकर सुबह पीस लें और इसे नारियल पानी में मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं. 10 मिनट बाद धो दें. इस घरेलू शैंपू को लगाने से हेयर फॉल काफी कम होता है और नए बाल उगने में भी मदद मिलती है. यह तरीका बहुत आसान और असरदार है.

भले ही ये चीज़ें नेचुरल हैं, लेकिन हर किसी की स्किन अलग होती है. इसलिए शैंपू लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. मिश्रण की थोड़ी मात्रा हाथ या गर्दन के पीछे लगाकर 10–15 मिनट छोड़ दें. अगर खुजली, जलन या लालपन न हो तो शैंपू आपके लिए सुरक्षित है. इससे आप स्कैल्प इंफेक्शन या एलर्जी जैसी परेशानियों से बच सकती हैं.

घरेलू शैंपू में कोई प्रिज़र्वेटिव नहीं होता, इसलिए इसे हमेशा ताज़ा ही बनाएं. पुराना एलोवेरा जेल, कई दिन रखा रीठा पानी या खराब आंवला-शिकाकाई स्कैल्प में जलन, खुजली या इंफेक्शन कर सकते हैं. इसलिए जितनी मात्रा चाहिए, उतना ही शैंपू उसी दिन तैयार करें. इससे बालों को नुकसान नहीं होता और असर भी बेहतर मिलता है.
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