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Grow Hybrid Fragrant Plant: रायपुर के गार्डनिंग एक्सपर्ट दादू के मुताबिक हाइब्रिड मंदार ऐसा बारहमासी पौधा है जो सालभर खिलता है. लाल, ऑरेंज, पीला, सफेद समेत 6 रंगों में मिलने वाला यह फूल कम देखभाल में भी शानदार खिलता है. 12 इंच गमले में लगाकर हर 15 दिन में खाद देने से पौधा ढाई-तीन फीट में ही खूबसूरत फूलों से भर जाता है.
रायपुर : अगर आप अपने घर के बगीचे या बालकनी को सालभर रंगीन और सुगंधित बनाना चाहते हैं, तो रायपुर के गार्डनिंग एक्सपर्ट दादू की यह सलाह आपके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है. दादू के मुताबिक हाइब्रिड मंदार ऐसा पौधा है जो पूरे साल खिलता है, कम देखरेख में भी शानदार फूल देता है और पूजा-पाठ में भी इसका विशेष महत्व है.
पॉलीथिन को सावधानी से हटा दें
गार्डनिंग एक्सपर्ट दादू के अनुसार, गमले में लगाने के लिए सबसे पहले नर्सरी से तैयार पौधा लेना चाहिए. पौधे के साथ लगी पॉलीथिन को सावधानी से हटा दें. इसके बाद काली मिट्टी और गोबर की खाद को बराबर मात्रा में मिलाकर 12 इंच के गमले में सेट कर दें. यह गमला इस पौधे के लिए सबसे उपयुक्त आकार माना गया है. पौधे की बढ़वार और हरी-भरी पत्तियों के लिए हर 15 दिन में खाद देना जरूरी होता है. एक्सपर्ट दादू कहते हैं कि इसके लिए सरसों खली, नीम खली, डीएपी और पोटाश का हल्का मिश्रण पर्याप्त है. इससे पौधा न सिर्फ तेजी से बढ़ता है बल्कि लगातार फूल भी देता रहता है.
बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती
गार्डनिंग एक्सपर्ट दादू बताते हैं कि एक पौधे से औसतन 10 या उससे अधिक फूल खिलते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. बस मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें. यह धूप पसंद करने वाला पौधा है, इसलिए इसे हमेशा खुले स्थान पर रखें जहां भरपूर रोशनी मिले. नर्सरी में इस पौधे की कीमत लगभग 100 रुपए है. हालांकि दादू का कहना है कि इसकी सुंदरता और बारहमासी प्रकृति को देखते हुए यह पौधा हर घर में होना चाहिए. खास बात यह भी है कि हाइब्रिड मंदार झाड़ के समान नहीं होता बल्कि यह ढाई से तीन फीट तक की ऊंचाई में सीमित रहता है और छोटे आकार में ही बड़े-बड़े फूल खिला देता है.
गार्डनिंग एक्सपर्ट दादू का दावा है कि अगर सही देखभाल की जाए तो हाइब्रिड मंदार किसी भी घर को मिनी गार्डन जैसा रूप दे सकता है. वे कहते हैं यह सिर्फ पौधा नहीं, खुशियों का रंग है जो हर दिन नई ऊर्जा और सौंदर्य लेकर आता है.
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह… और पढ़ें
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