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गर्म मौसम पसंद करने वाला अपराजिता का पौधा सर्दियों में तापमान गिरने से सूख सकता है. ठंड के कारण इसकी पत्तियां मुरझाने और बढ़वार रुकने का खतरा रहता है. फलन पर भी इसका असर पड़ता है. लेकिन सही रखरखाव और सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर इस नाजुक पौधे को कड़ाके की सर्दी से बचाया जा सकता है.
सर्दियों का मौसम किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है. इस मौसम में तापमान गिरने और ठंडी हवा चलने से फूलों के पौधों पर बुरा असर पड़ता है. खासकर अपराजिता जैसे नाजुक पौधे ठंड में जल्दी प्रभावित हो जाते हैं.

गार्डन एक्सपर्ट डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि अपराजिता का पौधा गर्म और मध्यम मौसम पसंद करता है. सर्दियों में जब तापमान काफी नीचे चला जाता है, तो पौधे की बढ़वार रुक जाती है और पत्तियां मुरझाने लगती हैं. लंबे समय तक ठंड पड़ने पर पौधा सूखने की स्थिति में भी पहुंच सकता है.

उन्होंने बताया कि सर्दियों में अपराजिता के पौधे को रोज़ाना 4 से 6 घंटे की धूप जरूर दें. धूप से पौधे को गर्माहट मिलती है, जिससे उसकी सेहत बनी रहती है. कोशिश करें कि पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह की धूप सीधे मिल सके.
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रात के समय ठंड ज्यादा बढ़ जाती है, जो अपराजिता के लिए नुकसानदायक होती है. अगर तापमान बहुत गिर रहा हो, तो गमले को रात में घर के अंदर, बरामदे या किसी सुरक्षित जगह पर ले जाएं. इससे पौधा ठंडी हवा से बचा रहेगा.

उन्होंने कहा कि सर्दियों में मिट्टी देर तक गीली रहती है, इसलिए ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करें और तभी पानी दें, जब मिट्टी ऊपर से सूखी नजर आए.

उन्होंने कहा कि पौधे की जड़ों को ठंड से बचाने के लिए मल्चिंग बेहद फायदेमंद है. गमले की मिट्टी के ऊपर सूखी पत्तियां, भूसा या नारियल का बुरादा बिछा दें. इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और जड़ों को ठंड से सुरक्षा मिलती है.

आगे कहा कि अपराजिता के पौधे को तेज ठंडी हवा से दूर रखें. खुले स्थानों में पौधा रखने से ठंडी हवा सीधे लगती है, जिससे नुकसान बढ़ जाता है. दीवार या शेड के पास रखना बेहतर होता है.
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