Fulori Recipe: “फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी?” गाने की लाइन के पीछे छुपा देसी स्वाद, जानें यूपी-बिहार की इस फेमस डिश को बनाने की रेसिपी

Fulori Recipe: “फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी?” ये लाइन आपने शादी-ब्याह, डीजे या मस्ती भरे माहौल में जरूर सुनी होगी. गाना सुनते ही लोग झूमने लगते हैं, लेकिन बहुत कम लोग सोचते हैं कि आखिर ये फुलौरी है क्या चीज. क्या ये सच में खाने की चीज है या बस गाने की लाइन? असल में ये लाइन सीधे हमारी देसी फूड कल्चर से जुड़ी है, खासकर यूपी और बिहार से. यहां फुलौरी मतलब बेसन से बने छोटे-छोटे पकोड़े, जो बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम होते हैं, लेकिन ट्विस्ट ये है कि इन्हें बिना तीखी चटनी के अधूरा माना जाता है. यही वजह है कि ये लाइन सिर्फ खाने की बात नहीं करती, बल्कि एक मजेदार तुलना भी करती है-जैसे कुछ चीजें साथ हों तो ही मजा आता है.

हाल ही में निधि भदौरिया ने इसी देसी स्वाद को थोड़ा नया टच देते हुए ‘छोले वाली क्रिस्पी फुलौरी’ की रेसिपी शेयर की, जो अब सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है. इस लेख में आप गाने का मतलब भी समझेंगे और घर पर शानदार फुलौरी बनाना भी सीखेंगे.

“फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी?” का मतलब क्या है?
इस लाइन का सीधा इशारा है-कुछ चीजें साथ हों तभी पूरी लगती हैं. यूपी-बिहार में फुलौरी यानी बेसन के पकोड़े, जो आम तौर पर हरी मिर्च और धनिया-पुदीना वाली चटनी के साथ खाए जाते हैं. बिना चटनी के स्वाद फीका लगता है. जैसे चाय बिना चीनी या समोसा बिना चटनी, वैसा ही मामला यहां भी है. इसलिए ये लाइन मजाकिया अंदाज में एक गहरी बात कह देती है.

फुलौरी का बेस तैयार करना
एक बाउल में बेसन लें. इसमें बारीक कटी प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. अब लाल मिर्च पाउडर, नमक, हींग, अजवाइन और थोड़ी कसूरी मेथी मिलाएं. मसालों का ये मिक्स ही फुलौरी का असली स्वाद बनाता है. अजवाइन और हींग पेट के लिए भी अच्छे माने जाते हैं, इसलिए ये सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाते.

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पानी नहीं, प्याज का जादू
इस रेसिपी का खास पॉइंट यही है. तुरंत पानी डालकर घोल पतला नहीं करना. पहले प्याज और मसालों को बेसन में अच्छे से मिलाएं. प्याज खुद ही पानी छोड़ेगी, जिससे बैटर तैयार हो जाएगा. इससे स्वाद भी बढ़ता है और फुलौरी ज्यादा कुरकुरी बनती है. जरूरत लगे तो आखिर में बस एक-दो चम्मच पानी डालें.

छोले और टमाटर का देसी ट्विस्ट
अब इसमें उबले हुए छोले हल्के से मसलकर डालें. साथ में बारीक कटे टमाटर भी मिलाएं. छोले से फुलौरी का टेक्सचर मजेदार हो जाता है और पेट भी भरा लगता है. टमाटर हल्की खटास लाता है, जिससे हर बाइट चटपटी लगती है. यही चीज इसे सिंपल पकोड़े से अलग बनाती है.

फ्राई करने का सही तरीका
कढ़ाही में तेल गरम करें, लेकिन बहुत तेज नहीं. आंच धीमी से मध्यम रखें. हाथ या चम्मच से थोड़ा-थोड़ा बैटर डालते जाएं. जल्दी पलटने की कोशिश न करें. जब एक साइड सुनहरी हो जाए, तब पलटें. धीरे-धीरे तलने से अंदर तक अच्छे से पकती हैं और बाहर से बढ़िया क्रंच आता है.

सर्व करने का सही मजा
गरमा-गरम फुलौरियां निकालें और तुरंत हरी धनिया-पुदीना की तीखी चटनी के साथ सर्व करें. चाहें तो ऊपर से चाट मसाला हल्का सा छिड़क दें. चाय के साथ ये नाश्ता शाम को कमाल लगता है.

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