ऋषिकेश: अजवाइन भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है बल्कि यह कई बीमारियों के इलाज में भी कारगर मानी जाती है. आयुर्वेद में अजवाइन को औषधीय गुणों का खजाना कहा गया है. इसकी तीखी सुगंध और औषधीय तत्व शरीर की कई समस्याओं को जड़ से मिटाने में मदद करते हैं. खासकर मोटापा, थायरॉयड, यूरिक एसिड, पाचन संबंधी समस्या और त्वचा की परेशानियों में अजवाइन का उपयोग बहुत फायदेमंद है. आइए विस्तार से जानते हैं कि अजवाइन किस तरह से हमारे स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाती है और इसका सही उपयोग कैसे किया जाए.
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने कहा कि अजवाइन छोटे-छोटे बीजों के रूप में होती है, लेकिन इसके भीतर अनेक गुण छिपे होते हैं. इसमें प्रोटीन, फाइबर, वसा, फास्फोरस, निकोटिनिक एसिड, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन को कम करने का काम करते हैं. वहीं ल्यूटोलिन, बीटा-सेलिनिन और 3-एन-ब्यूटाइलपैलाइड्स जैसे तत्व इसे और भी खास बनाते हैं. यही वजह है कि अजवाइन का नियमित सेवन करने से शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.
मोटापा कम करने में अजवाइन के फायदे
आजकल मोटापा एक आम समस्या बन गई है. खराब खानपान और असंतुलित जीवनशैली इसकी बड़ी वजह है. अजवाइन मोटापे को नियंत्रित करने में बेहद असरदार है. इसके बीजों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और फैट बर्निंग की प्रक्रिया तेज हो जाती है. अजवाइन का पानी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर शरीर में जमा चर्बी को धीरे-धीरे कम करता है. यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है बल्कि शरीर को एक्टिव और एनर्जेटिक भी बनाता है.
थायरॉयड में अजवाइन का महत्व
थायरॉयड की समस्या आज तेजी से बढ़ रही है. यह समस्या तब होती है जब गले की ग्रंथि से हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है. अजवाइन का सेवन थायरॉयड को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है. इसमें मौजूद तत्व गले की ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं और हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. खासतौर पर सुबह गुनगुने पानी में अजवाइन डालकर पीना थायरॉयड के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में कारगर
शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना गठिया, जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी समस्याओं को जन्म देता है. अजवाइन का नियमित सेवन यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करता है. यह शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करती है और खून को साफ करती है. जिन लोगों को जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है, उनके लिए अजवाइन का पानी या अजवाइन को हल्का भूनकर नमक के साथ सेवन करना लाभकारी हो सकता है.
त्वचा और मुंहासों से राहत
अजवाइन न केवल शरीर की अंदरूनी बीमारियों को दूर करती है बल्कि त्वचा को भी निखारने में मदद करती है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण मुंहासों को खत्म करने में असरदार हैं. अजवाइन का पानी पीने या अजवाइन को पीसकर फेस पैक की तरह लगाने से त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया खत्म होते हैं और चेहरा साफ और चमकदार दिखता है.