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डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि मक्के की रोटी पोषक तत्वों से भरपूर होती है. इसमें फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, आयरन और मैग्नीशियम पाए जाते हैं. फाइबर की अधिक मात्रा पाचन को बेहतर बनाती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है. इससे अनावश्यक भूख कम लगती है.
आज के समय में लोग तेजी से हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर बढ़ रहे हैं. इसी बदलाव के बीच पारंपरिक भारतीय भोजन फिर से चर्चा में है. मक्के की रोटी अब सिर्फ देसी स्वाद नहीं, बल्कि हेल्थ फूड के रूप में पहचानी जा रही है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इसे संतुलित आहार का हिस्सा मान रहे हैं. डायबिटीज से लेकर वजन नियंत्रण तक, यह कई स्वास्थ्य लाभ देती है.
डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि मक्के की रोटी पोषक तत्वों से भरपूर होती है. इसमें फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, आयरन और मैग्नीशियम पाए जाते हैं. फाइबर की अधिक मात्रा पाचन को बेहतर बनाती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है. इससे अनावश्यक भूख कम लगती है. यह शरीर को स्थिर ऊर्जा देती है और थकान कम करने में मदद करती है.
डायबिटीज के मरीजों के लिए सही आहार बेहद जरूरी होता है. मक्के की रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता. इसमें मौजूद फाइबर शुगर को धीरे-धीरे अवशोषित होने देता है. इससे इंसुलिन लेवल पर कम दबाव पड़ता है
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वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए मक्के की रोटी फायदेमंद हो सकती है. इसमें कैलोरी नियंत्रित मात्रा में होती है और फाइबर अधिक होता है. इससे पेट देर तक भरा रहता है और बार-बार खाने की आदत कम होती है. यह ओवरईटिंग से बचाती है. संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ इसका सेवन वजन नियंत्रण में मददगार साबित हो सकता है.
मक्के में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक हो सकते हैं. फाइबर शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है. संतुलित और प्राकृतिक आहार दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में अहम भूमिका निभाता है.
आजकल पाचन संबंधी समस्याएं आम हो चुकी हैं. मक्के की रोटी में मौजूद फाइबर आंतों को सक्रिय रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है. यह गट हेल्थ को बेहतर बनाता है. नियमित सेवन से पेट हल्का और संतुलित महसूस होता है. प्राकृतिक अनाज होने के कारण यह शरीर के लिए सहज और उपयोगी भोजन माना जाता है.
जो लोग ग्लूटेन से संवेदनशील हैं, उनके लिए मक्के की रोटी एक अच्छा विकल्प है. यह स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन फ्री होती है. इसलिए कई डाइट प्लान में इसे शामिल किया जा रहा है. हेल्दी और पारंपरिक विकल्प की तलाश कर रहे लोग अब इसे अपनी थाली में जोड़ रहे हैं. इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और पाचन भी बेहतर रहता है.