नाम भूलना याददाश्त की कमजोरी नहीं, दिमाग की स्मार्टनेस, समझें गणित

Last Updated:

किसी का नाम भूल जाना कोई बीमारी या कमजोरी नहीं, बल्कि दिमाग का एक सामान्य और समझदारी भरा तरीका है. दिमाग हर समय यह तय करता रहता है कि कौन-सी जानकारी ज्यादा जरूरी है और किसे बाद में रखा जा सकता है.

अक्सर ऐसा होता है कि किसी नए व्यक्ति से मुलाकात होती है, बातचीत भी अच्छी रहती है, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसका नाम याद नहीं रहता.इसके बाद लोग खुद को कोसने लगते हैं और सोचते हैं कि उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है या उन्हें ब्रेन फॉग की समस्या है.लेकिन घबराने या शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है.

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा के अनुसार, किसी का नाम भूल जाना कोई बीमारी या कमजोरी नहीं, बल्कि दिमाग का एक सामान्य और समझदारी भरा तरीका है. दिमाग हर समय यह तय करता रहता है कि कौन-सी जानकारी ज्यादा जरूरी है और किसे बाद में रखा जा सकता है.

नाम क्यों भूल जाते हैं लोग?
पूजा मखीजा बताती हैं कि नाम भूलना ध्यान की कमी या खराब मेमोरी का संकेत नहीं है.यह दिमाग की स्मार्ट कार्यप्रणाली का हिस्सा है, जिसमें वह जरूरी जानकारी को पहले सहेजता है.

दिमाग कैसे करता है प्राथमिकता तय?
इसके पीछे दिमाग के दो अहम हिस्से हिप्पोकैंपस और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स काम करते हैं.ये तय करते हैं कि किस जानकारी को ज्यादा अहमियत देनी है.बातचीत के दौरान भावना और समझ ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है, इसलिए नाम पीछे रह जाता है.

रिसर्च क्या कहती है?
शोध बताते हैं कि भावनात्मक रूप से जुड़ी बातें दिमाग में गहराई से दर्ज होती हैं, जबकि नाम जैसे साधारण और तटस्थ लेबल जल्दी भूल जाते हैं.सामाजिक बातचीत में भावनाएं और अर्थ, शब्दों की याददाश्त पर हावी हो जाते हैं.

ब्रेन फॉग नहीं, न्यूरल एफिशिएंसी
पूजा मखीजा साफ करती हैं कि नाम भूलना न तो ब्रेन फॉग है और न ही याददाश्त की कमजोरी.यह न्यूरल एफिशिएंसी है, यानी दिमाग का सही और कुशल तरीके से काम करना.

खुद को दोष देना बंद करें
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सामान्य दिमागी व्यवहार को शर्मिंदगी से जोड़ना गलत है.नाम भूल जाना इंसानी स्वभाव है और इसे कमजोरी समझने की जरूरत नहीं है.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

homelifestyle

नाम भूलना याददाश्त की कमजोरी नहीं, दिमाग की स्मार्टनेस, समझें गणित

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *