भूल जाइए शिमला-मनाली! नए साल पर अलवर की इन 5 जगहों को मिस मत करना, देगी आपको हिल स्टेशन वाली फीलिंग

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Alwar Tourist Places: नए साल पर अलवर के सिलीसेढ़. सरिस्का और भानगढ़ जैसे स्थलों पर पर्यटकों की जबरदस्त आमद हो रही है. बाघों की बढ़ती संख्या और ऐतिहासिक किलों का रोमांच अलवर को दिल्ली-एनसीआर के सैलानियों के लिए टॉप डेस्टिनेशन बना रहा है.

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Alwar Tourist Places

Alwar Tourist Places: दिल्ली से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजस्थान का “सिंहद्वार” कहा जाने वाला अलवर इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है. नए साल के आगमन को लेकर दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों ने अलवर की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. ऐतिहासिक धरोहर. प्राकृतिक सौंदर्य. धार्मिक आस्था और रोमांच से भरपूर यह जिला सैलानियों को अपनी ओर खींच रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार नए साल पर पर्यटन गतिविधियों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.

सर्दियों के इस मौसम में सिलीसेढ़ झील का नजारा किसी हिल स्टेशन जैसा प्रतीत होता है. अरावली की पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित यह झील पर्यटकों को शांति और सुकून प्रदान करती है. पानी से लबालब भरी इस झील में सैलानी मोटर बोट. स्पीड बोट और लग्जरी पंटून बोटिंग का आनंद ले रहे हैं. यहाँ का शांत वातावरण और पहाड़ियों की हरियाली नए साल की छुट्टियों को यादगार बनाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है.

सरिस्का टाइगर रिजर्व: बाघों का बढ़ता रोमांच
वन्यजीव प्रेमियों के लिए सरिस्का टाइगर रिजर्व आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. यहाँ बाघों की संख्या बढ़कर अब 50 के करीब पहुँच चुकी है. जिसमें 11 नर. 18 मादा और 21 शावक शामिल हैं. जंगल सफारी के दौरान बाघों की लगातार हो रही साइटिंग ने पर्यटकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है. वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए यह समय किसी उत्सव से कम नहीं है.

रहस्यमयी भानगढ़ और शाही बाला किला
रोमांच के शौकीनों के लिए एशिया का सबसे रहस्यमयी किला “भानगढ़” पहली पसंद है. अरावली की गोद में स्थित यह किला अपने ऐतिहासिक किस्सों और डरावनी दंतकथाओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है. वहीं शहर से 10 किलोमीटर दूर अरावली की वादियों में स्थित बाला किला भी सैलानियों को लुभा रहा है. इस किले का ऐतिहासिक महत्व इतना है कि मुगल शासक बाबर और जहाँगीर भी यहाँ समय बिता चुके हैं.

विरासत और आस्था का संगम
अलवर का सिटी पैलेस और मूसी महारानी की छतरी स्थापत्य कला की बेजोड़ मिसाल पेश करते हैं. इसके अलावा पांडूपोल हनुमान मंदिर और मोती डूंगरी जैसे धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं. कुल मिलाकर. नए साल के उपलक्ष्य में अलवर का कोना-कोना पर्यटकों के स्वागत के लिए सज चुका है.

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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें

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