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Hadajod Plant Health Benefits: प्रकृति में ऐसे कई पौधे हैं, जिनसे शरीर को अनगिनत फायदे होते हैं. ऐसा ही एक पौधा है हड़जोड़, जो कई गंभीर बीमारियों में फायदेमंद है. हड्डियों के लिए तो यह पौधा मानों वरदान है. आइए इस पौधे के आयुर्वेदिक फायदे जानते हैं.
बलिया: अंग्रेजी दवाओं से हार मानकर अब धीरे-धीरे लोग पारंपरिक इलाज के साथ आयुर्वेद की तरफ रूख कर रहे हैं. ऐसे में बात अगर औषधीयों की करें, तो धरती पर तमाम दुर्लभ औषधीयों भरी पड़ी है. कुछ ऐसे पौधें भी होते हैं, जो आसानी से हर जगह दिखाई देते हैं. लेकिन इन पौधों के बारे में सही जानकारी न होने के कारण अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है. हकीकत यह है कि पौधे किसी संजीवनी से कम नहीं होते हैं. आयुर्वेद की दुनिया में हड़जोड़ नामक पौधे का भी कोई जवाब नहीं है.
आपको बताते चलें कि इसका नाम सुनते ही सबसे पहले टूटी हड्डियों का इलाज याद आ जाता है. सच्चाई यही है कि यह ऐसी जड़ी-बूटी है, जो फ्रैक्चर हीलिंग के लिए रामबाण है. हड़जोड़ का तना देखने में भी हड्डियों के आकार की होती है, लेकिन इसके भीतर छिपी औषधीय ताकत चौंकाने वाली है. बलिया की फेमस सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, हड़जोड़ को पुराने वैद्य हड्डी जोड़ने वाली बेल भी कहते थे.
पाचन तंत्र की समस्या के लिए वरदान
डॉ. प्रियंका के अनुसार, यह कैल्शियम, फॉस्फेट और कई जरूरी मिनरल्स का अच्छा स्रोत होता है, जो हड्डियों और जोड़ों को मजबूती देने का काम करते हैं. फ्रैक्चर की स्थिति में इसके सेवन से हड्डियां तेजी से जुड़ने लगती हैं. जोड़ों के दर्द, अकड़न और गठिया जैसी समस्याओं में राहत देने के साथ यह सूजन को भी कम करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. उन्होंने आगे कहा कि हड़जोड़ पाचन तंत्र के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है.
यह पाचन को सुधारकर गैस और एसिडिटी की समस्या को कम कर बवासीर में भी लाभ प्रदान करती है. यहीं नहीं, यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर कर वजन नियंत्रित करने में भी बहुत फायदेमंद है. हड़जोड़ में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो शरीर की सूजन को कम कर घावों को जल्दी भरने में सहायक होते हैं. इसका उपयोग अल्सर, अंदरूनी चोट, लिगामेंट और टेंडन की समस्याओं में भी किया जाता है. कुछ पारंपरिक प्रयोगों में इसे रक्तस्राव रोकने जैसे- नाक से खून बहने की स्थिति में भी लाभकारी है.
पत्तियों का लेप बेहद फायदेमंद
उन्होंने बताया कि हड़जोड़ के सेवन की बात करें, तो इसके तने का रस, पाउडर या काढ़ा लिया जा सकता है. दर्द होने वाली जगहों पर इसकी पत्तियों को गर्म कर सूती कपड़े से बांधा जा सकता है या पत्तियों का लेप भी लगाया जा सकता है. इसके सूखे तने का 10 से 15 ग्राम काढ़ा बनाकर पीना आम तरीका है. इसका पेस्ट बनाकर लगाने से बाहरी चोट या सूजन में भी फायदा मिलता है.
यह बहुत ताकतवर जड़ी-बूटी हैं, लेकिन इसके सेवन में सावधानी भी जरूरी है. इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं और पित्त प्रकृति वाले लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए. सही मात्रा और विशेषज्ञ की सलाह के साथ लिया गया हड़जोड़ शरीर को मजबूती, राहत और नई ऊर्जा प्रदान कर सकता है. बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.