रात में बार-बार पेशाब आने से रहते हैं परेशान? अपनाएं 5 आसान टिप्स, रातभर चैन की नींद सोएंगे !

Simple Tips To Prevent Nocturia: अच्छी सेहत के लिए रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेनी चाहिए. रात को बार-बार नींद टूट रही है, तो इससे सेहत पर बुरा असर पड़ता है. कई लोगों को रात में बार-बार पेशाब आता है और इसकी वजह से उनकी नींद खराब हो जाती है. रात के वक्त बार-बार पेशाब आना एक कॉमन परेशानी है, जिसे मेडिकल की भाषा में नक्ट्यूरिया (Nocturia) कहा जाता है. बार-बार नींद टूटने से लोगों को थकान, चिड़चिड़ापन और काम में मन न लगने जैसी परेशानियां होने लगती हैं. उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, लेकिन हर उम्र के लोग इससे जूझते हैं. आज आपको बताएंगे कि रात में बार-बार पेशाब से बचने के लिए क्या करना चाहिए, ताकि नींद में खलल न पड़े और सेहत ठीक बनी रहे.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि रात में बार-बार पेशाब आने के कई कारण हो सकते हैं. सोने से पहले ज्यादा मात्रा में पानी या चाय-कॉफी पीना, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की दवाएं, कमजोर ब्लैडर या प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं रात में फ्रीक्वेंट यूरिनेशन की वजह बन सकती हैं. कभी-कभी यह किडनी या हॉर्मोनल असंतुलन से भी ऐसा हो सकता है. अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है. अगर कुछ बीमारियों को कंट्रोल कर लें, तो इस परेशानी से बचा जा सकता है.

रात में बार-बार पेशाब से बचने के तरीके | Ways To Avoid Frequent Urination At Night

– रात में बार-बार पेशाब आने की एक बड़ी वजह सोने से ठीक पहले ज्यादा मात्रा में लिक्विड का सेवन करना होता है. इसलिए कोशिश करें कि आप सोने से कम से कम दो घंटे पहले तक पानी, दूध, चाय या अन्य लिक्विड पीना बंद कर दें. इससे रात में शरीर में यूरिन की मात्रा कम बनेगी और पेशाब की बार-बार जरूरत नहीं पड़ेगी.

– कैफीन से भरपूर ड्रिंक्स जैसे चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स और अल्कोहल ड्यूरेटिक होते हैं. आसान बाषा में कहें, तो इन चीजों को पीने के बाद यूरिन ज्यादा बनती है. अगर आप शाम या रात को इनका सेवन करते हैं, तो पेशाब बार-बार आने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए बेहतर होगा कि शाम के बाद कैफीन और शराब से दूरी बनाएं.

– अगर आपका ब्लैडर यानी मूत्राशय कमजोर है या ज्यादा संवेदनशील हो गया है, तो ब्लैडर ट्रेनिंग एक्सरसाइज करना मददगार हो सकता है. दिन में पेशाब को थोड़ी देर तक रोके रखने की आदत डालें. इससे मूत्राशय की क्षमता बढ़ती है और रात में पेशाब आने की फ्रीक्वेंसी कम होती है. इसके साथ ही पेल्विक मसल्स को मजबूत करने वाली कीगल एक्सरसाइज भी फायदेमंद है.

– अक्सर लोग नींद आने से पहले पेशाब करने नहीं जाते हैं, जिससे रात में पेशाब जल्दी लग जाती है. इसलिए कोशिश करें कि बिस्तर पर जाने से ठीक पहले एक बार बाथरूम जरूर जाएं, ताकि मूत्राशय खाली हो जाए और नींद में बाधा न आए.

– अगर किसी को डायबिटीज या प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या है, तो वे लोग अपनी दवा लेना न भूलें, ताकि उन्हें बार-बार पेशाब के लिए भागना न पड़े. अगर शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा, तो फ्रीक्वेंट यूरिनेशन से राहत मिल जाएगी. इसके अलावा जिनकी उम्र बहुत ज्यादा है, वे लोग इस समस्या से निजात पाने के लिए डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं.

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