FIDE Candidates: दिव्या जीत से चूकीं, वैशाली ने रानी की कुर्बानी देकर पलट दी बाजी

शतरंज के इस बड़े टूर्नामेंट में दूसरे दौर की शुरुआत थोड़ी खास अंदाज में हुई, जब पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने भारतीय खिलाड़ियों दिव्या देशमुख और वैशाली रमेशबाबू के मुकाबले में पहली चाल चलकर खेल का औपचारिक आगाज किया। यह मुकाबला पहले दिन के बाद जमी स्थिति को तोड़ने की उम्मीद के साथ देखा जा रहा था।
बता दें कि साइप्रस के पाफोस में चल रहे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दूसरे दिन का नजारा थोड़ा अलग रहा। मौजूद जानकारी के अनुसार ओपन और महिला दोनों वर्गों के सभी मुकाबले ड्रॉ पर खत्म हुए। जहां पहले दिन मुकाबले काफी आक्रामक रहे थे, वहीं दूसरे दिन खिलाड़ियों ने संयम और रणनीति को प्राथमिकता दी।
महिला वर्ग में दिव्या देशमुख और वैशाली रमेशबाबू के बीच हुआ मुकाबला दिन का सबसे दिलचस्प खेल माना गया। गौरतलब है कि सफेद मोहरों से खेल रही दिव्या ने शुरुआत में अच्छी बढ़त बना ली थी और स्थिति उनके पक्ष में जाती दिख रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार एक समय ऐसा आया जब उनके पास जीत का स्पष्ट मौका था, लेकिन एक चाल में हुई छोटी सी गलती ने पूरा खेल बदल दिया।
मौजूद जानकारी के अनुसार वैशाली ने बेहद चतुराई से एक जाल बिछाया, जिसमें दिव्या फंस गईं। इसके बाद वैशाली ने शानदार रानी की कुर्बानी देकर खेल को बराबरी पर ला दिया। अंत में मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन यह खेल टूर्नामेंट के अब तक के सबसे रोमांचक पलों में शामिल रहा।
ओपन वर्ग की बात करें तो यहां मुकाबले अपेक्षाकृत शांत रहे। भारतीय खिलाड़ी प्रज्ञानानंद ने काले मोहरों से खेलते हुए संतुलित प्रदर्शन किया और अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ड्रॉ हासिल किया। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी अभी शुरुआती दौर में एक-दूसरे की रणनीति को समझने में लगे हैं, इसलिए जोखिम लेने से बच रहे हैं।
गौरतलब है कि दूसरे दिन के बाद अंक तालिका में कई खिलाड़ी बराबरी पर बने हुए हैं, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है। बताया जा रहा है कि टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ ही खिलाड़ियों का आक्रामक रुख देखने को मिल सकता है।

.

Source link

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *