करप्शन से तंग आकर हेड कॉन्स्टेबल ने जहर खाकर दे दी जान, जानें क्यों आई ऐसी नौबत?

Last Updated:

मध्य प्रदेश के नीमच शहर के हेड कॉन्स्टेबल ने भ्रष्टाचार से तंग आकर जहर खा लिया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. हेड कॉन्स्टेबल ने 4 पन्ने के सुसाइड नोट में अधिकारियों के काले कारनामे उजागर किए हैं.

Zoom

हेड कॉन्सटेबल

नीमच शहर की पुलिस लाइन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल ने विभाग के ही बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए मौत को गले लगा लिया. कनावटी पुलिस लाइन में पदस्थ 50 वर्षीय होशियार सिंह ने रविवार दोपहर जहरीला पदार्थ गटक लिया. जहर खाने के बाद वे खुद चलकर कंट्रोल रूम पहुंचे और वहां मौजूद स्टाफ को इसकी जानकारी दी. जब तक उन्हें अस्पताल ले जाया जाता, उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

मौत से पहले होशियार सिंह ने 4 पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस नोट ने पुलिस महकमे के भीतर चल रहे पैसों के खेल और भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी है.

सुसाइड नोट में RI और हेड कॉन्स्टेबल पर सीधा वार
होशियार सिंह ने अपने सुसाइड नोट में रक्षित निरीक्षक (RI) विक्रम सिंह भदौरिया और लाइन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल प्रणव तिवारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने लिखा कि नीमच पुलिस लाइन में सब कुछ बिक रहा है. रोजनामा लिखने से लेकर ड्यूटी लगाने तक के लिए कर्मचारियों से पैसे वसूले जा रहे हैं. नोट में दर्द छलकते हुए लिखा गया है कि महोदय, पुलिस को इतना भी मत बेचो कि ईमानदार आदमी नौकरी ही न कर पाए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रणव तिवारी हर कर्मचारी से पैसे लेकर ड्यूटी लगाता है, जो पैसा देता है, उसे अच्छी जगह तैनाती मिलती है और जो नहीं देता, उसे प्रताड़ित किया जाता है.

साहब के नाम पर वसूली का खेल
सुसाइड नोट में इस बात का भी जिक्र है कि जब भी भ्रष्टाचार का विरोध किया जाता, तो ऊपर के अधिकारियों के नाम का डर दिखाया जाता था. होशियार सिंह ने लिखा कि प्रणव तिवारी कहता है कि वह और आरआई साहब बड़े अधिकारियों के व्यक्तिगत खर्चों का ध्यान रखते हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता. होशियार सिंह ने डीजीपी, डीआईजी और एसपी से गुहार लगाते हुए लिखा कि अगर विभाग में यही सब चलना है, तो उन्हें आत्महत्या की अनुमति दे दी जाए. उन्होंने ट्रेजरी गार्ड की नियुक्तियों में 5 से 10 हजार रुपए की अवैध वसूली की जांच करने की मांग भी की है.

पांच दिनों से छुट्टी पर थे होशियार सिंह
होशियार सिंह पिछले पांच दिनों से छुट्टी पर थे और सोमवार को उन्हें वापस काम पर लौटना था. लेकिन सिस्टम की बेरुखी और अपने ही विभाग के लोगों की प्रताड़ना से वे इतना टूट चुके थे कि उन्होंने ड्यूटी जॉइन करने के बजाय मौत को चुनना बेहतर समझा. इस घटना के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है. एक तरफ जहां पुलिस विभाग इस मामले में जांच की बात कह रहा है, वहीं आम जनता के बीच पुलिस की छवि को गहरा धक्का लगा है.

homemadhya-pradesh

करप्शन से तंग आकर हेड कॉन्स्टेबल ने जहर खाकर दे दी जान, क्यों आई ऐसी नौबत?

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *