टीकमगढ़ जिले के जतारा अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। उदयपुरा गांव निवासी काशीराम कुशवाहा ने अपने पिता लंपु कुशवाहा की मौत के लिए अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी को जिम्मेदार ठहराया है। पिता के अंतिम संस्कार के दौरान चिता के पास बैठकर बेटे के लगाए गए इन आरोपों ने सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। काशीराम ने एक दिन पहले 20 मार्च को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो पोस्ट किया है। “सिस्टम खोखला हो चुका है” मृतक के बेटे काशीराम का आरोप है कि यदि समय रहते उसके पिता को ऑक्सीजन मिल जाती, तो उनकी जान बच सकती थी। उसने भावुक होते हुए कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं और धरातल पर सिस्टम पूरी तरह खोखला हो चुका है। ये मेरे पिता की नहीं सरकार की राख है। हर सरकारी अस्पताल की हालत खराब है, आज मेरा पिता मरा है, कल किसी और का पिता मरेगा। शोपीस बना लाखों का ऑक्सीजन प्लांट हैरानी की बात यह है कि कोरोना महामारी के दौरान जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया था। लाखों रुपए की लागत से तैयार यह प्लांट स्टाफ की कमी के चलते महज कुछ महीनों में ही बंद हो गया। वर्तमान में यह प्लांट एक शोपीस बनकर रह गया है, जिसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन का पक्ष जतारा बीएमओ डॉ. संजय अहिरवार का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट को जल्द ही दोबारा शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, जब इस गंभीर लापरवाही को लेकर सीएमएचओ डॉ. ओपी अनुरागी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। उनका कहना है कि अगर आपातकालीन स्थितियों में भी प्लांट का संचालन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसी सुविधाओं का क्या फायदा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस दिशा में कब तक ठोस कदम उठाता है। .