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Russian General Vladimir Alexeyev: रूसी अधिकारियों नेकहा कि रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी के उप प्रमुख पर गोली चलाने के आरोपी व्यक्ति को दुबई में गिरफ्तार किया गया और रूस को सौंप दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि वह यूक्रेन के लिए काम कर रहा था. लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को उत्तर-पश्चिमी मॉस्को के एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में कई बार गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया.
लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को सीरिया जंग का हीरो माना जाता है. (फाइल फोटो)
मॉस्को. रूस से एक बड़ी खबर सामने आई है. रूस की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी (GRU) के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर जानलेवा हमला हुआ है. हमलावर ने मॉस्को में उनके अपार्टमेंट में घुसकर उन्हें कई गोलियां मारीं. रूसी सुरक्षा एजेंसी FSB ने दावा किया है कि इस हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ है.
सबसे बड़ी बात यह है कि शूटर को दुबई में गिरफ्तार किया गया और रूस को सौंप दिया गया है. रूस का कहना है कि यह शांति वार्ता को पटरी से उतारने की एक आतंकी साजिश है. जनरल अलेक्सेयेव अभी अस्पताल में भर्ती हैं. यह हमला तब हुआ जब अबू धाबी में रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत खत्म हुई थी.
दुबई कनेक्शन! रूसी नागरिक ही निकला हमलावर
रूसी एजेंसी एफएसबी ने बताया कि संदिग्ध हमलावर का नाम ल्युबोमिर कोरबा है, जो एक रूसी नागरिक है. वारदात को अंजाम देकर वह दुबई भाग गया था, जहां उसे पकड़ लिया गया. जांच में सामने आया है कि कोरबा दिसंबर में मॉस्को आया था. उसे यूक्रेन की इंटेलिजेंस सर्विस ने ‘टेररिस्ट अटैक’ के निर्देश दिए थे. एफएसबी ने कोरबा के दो साथियों की भी पहचान की है. एक को मॉस्को में पकड़ लिया गया, जबकि दूसरा भागकर यूक्रेन चला गया. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसे शांति प्रयासों को विफल करने वाला ‘आतंकी कृत्य’ बताया है.
सीरिया वार का ‘हीरो’ और वैगनर विद्रोह का गवाह
64 साल के जनरल अलेक्सेयेव रूस के बेहद ताकतवर सैन्य अधिकारियों में गिने जाते हैं. वह 2011 से जीआरयू (GRU) के फर्स्ट डिप्टी हेड हैं. हीरो ऑफ रशिया: उन्हें सीरिया में रूसी मिलिट्री कैंपेन में अहम भूमिका निभाने के लिए ‘हीरो ऑफ रशिया’ मेडल मिल चुका है. जून 2023 में जब वैगनर चीफ येवगेनी प्रिगोझिन ने बगावत की थी, तब अलेक्सेयेव उनसे बात करते हुए टीवी पर दिखे थे. जिस वक्त उन पर गोली चली, उनके बॉस एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव अबू धाबी में शांति वार्ता का नेतृत्व कर रहे थे.
बातचीत के बीच गोलियों की गूंज
यह हमला अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच दो दिन चली बातचीत के ठीक बाद हुआ. करीब 4 साल से चल रही जंग को रोकने के लिए यह मीटिंग हो रही थी. रूस ने पहले भी अपने अफसरों और हाई-प्रोफाइल लोगों की हत्या का आरोप कीव पर लगाया है. हालांकि, यूक्रेन ने अभी तक इस हमले पर कोई ऑफिशियल प्रतिक्रिया नहीं दी है. मास्को का दावा है कि यूक्रेन जानबूझकर ऐसे हमलों से डर का माहौल बना रहा है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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