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Weekly Fasting Health Benefits: सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो फास्टिंग करने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है और बॉडी की डिटॉक्स प्रोसेस तेज हो जाती है. सही तरीके से की गई फास्टिंग मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है और मेंटल फोकस बेहतर बनाती है.
सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है.
Fasting Once a Week Benefits: आजकल लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान में काफी बदलाव आ गया है. लोगों के सोने-जागने की टाइमिंग गड़बड़ हो गई है और अधिकतर लोग जंक फूड का खूब सेवन कर रहे हैं. इसके अलावा करियर और पर्सनल लाइफ का तनाव भी सेहत पर सीधा असर डाल रहा है. ये सभी फैक्टर्स हमारे शरीर पर दबाव बढ़ा देते हैं और लोगों को कई दिक्कतें होने लगती हैं. ऐसे में शरीर को समय-समय पर आराम देना बेहद जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सप्ताह में एक दिन फास्टिंग यानी उपवास करने से शरीर को डिटॉक्स होने का मौका मिलता है और कई फायदे मिल सकते हैं. हालांकि फास्टिंग का तरीका सही होना चाहिए और इसे संतुलित रूप से अपनाना जरूरी है.
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करने से शरीर रिफ्रेश हो जाता है. इससे पाचन तंत्र को आराम मिलता है. हम रोज कई बार खाना खाते हैं, जिससे हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम लगातार काम करता रहता है. जब आप सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करते हैं, तो पेट और आंतों को आराम मिलता है. इससे गैस, अपच और भारीपन जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. साथ ही शरीर खाने को बेहतर तरीके से पचाने की क्षमता भी डेवलप करता है. अगर आपका पाचन तंत्र ठीक नहीं है, तब आपको फास्टिंग जरूर ट्राई करनी चाहिए.
डाइटिशियन ने बताया कि वीकली फास्टिंग से शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है और नेचुरल डिटॉक्स प्रक्रिया बूस्ट होती है. जब हम कुछ समय तक खाना नहीं खाते हैं, तो शरीर अपनी एनर्जी को पाचन के बजाय रिपेयर और क्लीनिंग प्रक्रियाओं में लगाता है. इस दौरान शरीर में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज हो सकती है. इससे त्वचा साफ दिखने लगती है और शरीर हल्का महसूस होता है. सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करने से कैलोरी इनटेक कम हो सकता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है. सही तरीके से अपनाई गई फास्टिंग मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद कर सकती है.
वीकली फास्टिंग करने से ब्लड शुगर और हार्मोनल संतुलन में सुधार हो सकता है. कुछ रिसर्च में पता चला है कि सही तरीके से फास्टिंग करने से इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हो सकती है. इससे टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा फास्टिंग के दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन का स्तर भी प्रभावित होता है, जो सेल रिपेयर में सहायक माना जाता है. हालांकि डायबिटीज या अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को फास्टिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए. ऐसे लोग अपनी मर्जी से फास्टिंग न करें.
एक्सपर्ट के अनुसार फास्टिंग करने से मेंटल हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है. जब आप अपने खाने की आदतों को कंट्रोल करते हैं, तो सेल्फ कंट्रोल बढ़ता है. फास्टिंग के दौरान उन्हें मानसिक शांति और फोकस बेहतर महसूस होता है. हालांकि अत्यधिक या गलत तरीके से की गई फास्टिंग से कमजोरी, चक्कर या पोषण की कमी हो सकती है, इसलिए संतुलन बेहद जरूरी है. सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करना कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, बशर्ते इसे सही तरीके और संतुलित आहार के साथ अपनाया जाए.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें