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Shivpuri News: भूसा स्टोर करने के लिए सबसे पहले उसे अच्छी तरह सुखाना जरूरी है ताकि उसमें जरा भी नमी न रहे. इसके बाद इसे ऐसी जगह पर रखें, जहां बारिश या पानी का बिल्कुल असर न हो. खेत के किनारे ऊंची जगह पर तिरपाल बिछाकर भी भूसे का ढेर लगाया जा सकता है.
शिवपुरी. मध्य प्रदेश में इस समय किसानों के लिए भूसा स्टॉक करना मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है. गेहूं, चना और सरसों की कटाई के साथ खेतों में बड़ी मात्रा में भूसा निकलता है. अभी ग्रामीण बाजारों में इसका भाव लगभग 3 से 4 रुपये प्रति किलो चल रहा है लेकिन जानकारों का कहना है कि आने वाले करीब तीन महीनों में इसकी कीमत तेजी से बढ़ सकती है. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है और बरसात का समय नजदीक आता है, सूखे चारे की उपलब्धता घटने लगती है. इस दौरान पशुपालकों और डेयरी संचालकों की जरूरत बढ़ जाती है, जिससे बाजार में मांग तेज हो जाती है. मांग बढ़ने के कारण कीमतों में भी उछाल आता है. बरसात के मौसम में कई इलाकों में यही भूसा 8 से 10 रुपये प्रति किलो तक बिकता है जबकि कुछ गांवों में इसकी कीमत 12 से 15 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. ऐसे में किसान यदि अभी इसे सुरक्षित रख लें, तो बाद में बेचकर अच्छी कमाई भी कर सकते हैं. सही तरीके से भंडारण करने पर यह लंबे समय तक खराब नहीं होता. थोड़ी सावधानी और योजना के साथ किसान भूसे को भी आय का अच्छा साधन बना सकते हैं और खेती से अतिरिक्त लाभ कमा सकते हैं.
भूसा स्टोर करने के लिए सबसे पहले उसे अच्छी तरह सुखाना जरूरी है ताकि उसमें नमी न रहे. इसके बाद इसे ऐसी जगह रखें, जहां बारिश या पानी का असर न हो. खेत के किनारे ऊंची जगह पर तिरपाल बिछाकर भी ढेर लगाया जा सकता है. ऊपर से मजबूत प्लास्टिक या तिरपाल से ढक देने पर बरसात में भी यह सुरक्षित रहता है. कई किसान भूसे को शेड या गोदाम में रखते हैं, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है. भंडारण के दौरान नीचे सूखी घास या लकड़ी की परत रखने से नमी नहीं लगती. सही व्यवस्था करने से यह कई महीनों तक सुरक्षित रहता है और बाद में अच्छे दाम मिल सकते हैं.
भूसे का ढेर लगाएं किसान
किसान अपनी उपलब्ध जगह के अनुसार भूसे का बड़ा ढेर बनाकर स्टॉक कर सकते हैं. आमतौर पर 20 से 25 फीट लंबा और करीब 10 फीट ऊंचा ढेर बनाया जाए, तो उसमें लगभग 70 से 100 क्विंटल तक भूसा रखा जा सकता है. अगर भूसे की गांठें बनाकर रखी जाएं, तो उसी जगह में और ज्यादा मात्रा सुरक्षित की जा सकती है. ढेर बनाते समय नीचे लकड़ी, सूखी घास या तिरपाल की परत रखना फायदेमंद होता है. इससे जमीन की नमी ऊपर नहीं आती और भूसा लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. सही ढंग से स्टॉक किया गया भूसा कई महीनों तक खराब नहीं होता.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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