MP की एकमात्र मंडी…पर्ची से खुलती है किसान की किस्मत, भाग्यशाली की बंपर कमाई

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Ujjain News: शुरुआती वर्षों में एक हफ्ते पहले किसान अपनी उपज का आकर्षक भाव लेने के लिए बैलगाड़ियां मंडी परिसर में खड़ी कर देते थे. उस समय ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर नीलामी होती थी.

उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन में सालभर में एक दिन ऐसा आता है, जिसमें भाग्यशाली किसानों का चेहरा खिल जाता है क्योंकि कृषि उपज मंडी उज्जैन प्रदेश की एकमात्र ऐसी मंडी है, जहां दीपावली मुहूर्त के सौदों में किसान को सोयाबीन के गेहूं से चार गुना से ज्यादा भाव मिलते हैं. करीब डेढ़ दशक से ऐसा होता आ रहा है, जितने भी किसान अपनी फसल लेकर आते हैं, उन सभी के नामों की एक पर्ची डिब्बे में डाली जाती है. फिर एक पर्ची से पहले भाग्यशाली किसान का चयन लॉटरी पद्धति से किया जाता है. जिस किसान की ट्रॉली मुहूर्त में नीलाम होती है, उसे उपज के दाम अकल्पनीय मिलते हैं.

कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल के अनुसार, अभी व्यापारिक क्षेत्र में वित्तीय वर्ष की शुरुआत दीपावली से मानी जाती है. मुहूर्त में खरीदी गई उपज सालभर खूब फलती-फूलती है. यह भी मान्यता है कि मुहूर्त में खुले भाव सीजन के बाद व्यापारी को मिलने लगते हैं, ऐसा कई बार हुआ भी है.

इस हिसाब से मिले दाम
उन्होंने कहा कि यह सिलसिला डेढ़ दशक से जारी है. इस साल भी प्रथम नीलामी में मुहूर्त में भाग्यशाली किसान का सोयाबीन 6213 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नीलाम हुआ. गेहूं 3751 रुपये और डॉलर चना 13013 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से नीलाम हुआ. पहले ड्रॉ निकाला गया था. सोयाबीन नीलामी के लिए मनोहर पिता शंकरलाल आंजना का ड्रॉ निकला. गेहूं में अशोक पिता कैलाश और डॉलर चना में धीरज सिंह पिता रत्न सिंह का ड्रॉ निकला.

सदियों से चल रही परंपरा
उन्होंने आगे कहा कि शुरुआती सालों में एक सप्ताह पहले किसान अपनी उपज का आकर्षक भाव लेने के लिए बैलगाड़ियां प्रांगण में खड़ी कर देते थे. उस समय ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर नीलामी होती थी. समस्या यह थी कि पहले आने वाले किसान की अधिकृत जानकारी मंडी प्रशासन को नहीं मिल पाती थी. इससे नीलामी के समय विवाद की स्थिति पैदा होने लगी. इससे निजात पाने के लिए प्रशासन ने लॉटरी पद्धति से भाग्यशाली किसान के चयन का निर्णय लिया. इस साल भी मंडी में शुक्रवार को मुहूर्त की नीलामी में सोयाबीन और डॉलर चने के भाव अन्नदाताओं को आकर्षक मिले.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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