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Khargone News: खरगोन जिले में इस साल समर्थन मूल्य पर चना खरीदी को लेकर किसानों में उत्साह बढ़ा है. सरकार ने चना का समर्थन मूल्य 225 रुपए बढ़ाकर 5875 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है. इसी वजह से इस बार करीब 12 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो बीते दो वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा है.
खरगोन जिले में इस साल समर्थन मूल्य पर चना खरीदी को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. सरकार द्वारा चना के समर्थन मूल्य में 225 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किए जाने के बाद किसानों ने बड़ी संख्या में पंजीयन कराया है. इस बार करीब 12 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले दो वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा है.
जिले में रबी सीजन के दौरान गेहूं के बाद सबसे ज्यादा चना की खेती की जाती है. इस साल भी किसानों ने करीब 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चना बोया है. उत्पादन बढ़ने की उम्मीद के बीच समर्थन मूल्य बढ़ने से किसानों को अपनी फसल बेचने का भरोसा भी मिला है.
समर्थन मूल्य पर चना खरीदी की प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होगी. इसके लिए जिला प्रशासन ने जिले में तहसील स्तर पर 11 खरीदी केंद्र बनाए हैं, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो. खरीदी केंद्रों की तैयारी भी तेजी से की जा रही है.
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जिले में सबसे ज्यादा पंजीयन भीकनगांव क्षेत्र के किसानों ने कराया है. यहां करीब 2550 किसानों ने समर्थन मूल्य पर चना बेचने के लिए आवेदन किया है. वहीं सेगांव क्षेत्र में सबसे कम 170 किसानों ने पंजीयन कराया है. इससे क्षेत्रवार खेती के रुझान भी सामने आए हैं.
सरकार ने इस साल चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है. पिछले साल यह दर 5650 रुपए प्रति क्विंटल थी. यानी इस बार किसानों को प्रति क्विंटल 225 रुपए का अतिरिक्त फायदा मिलेगा. इससे किसानों में फसल बेचने को लेकर भरोसा बढ़ा है.
मंडी बाजार में चना के दाम अलग अलग जगहों पर 3 हजार से 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं. ऐसे में समर्थन मूल्य किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प बन रहा है. यही वजह है कि इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने पहले से ही पंजीयन कराया है.
विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, खरगोन में पिछले वर्ष 2024-25 में 5021 किसानों ने पंजीयन कराया था. इनमें से 392 किसानों से 1234 मीट्रिक टन चने की खरीदी की गई थी. वहीं वर्ष 2023-24 में 7872 किसानों ने पंजीयन कराया था. इनमें से 210 किसानों से 427 मीट्रिक टन चने की खरीदी की थी.
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