एमपी में किसान आंदोलन: हाईवे किया जाम, धार में 5000 से ज्यादा जुटे; कई जिलों में प्रदर्शन

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धार के खलघाट टोल प्लाजा पर धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, चार जिलों के हजारों किसानों ने MSP और कर्जमाफी जैसी मांगों पर हाईवे जाम कर दिया. किसानों का कहना है कि पिछले पांच महीनों से सरकार सुनवाई नहीं कर रही. पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. किसान लिखित मंजूरी तक हटने को तैयार नहीं हैं और आंदोलन अनिश्चितकाल तक चलाने की चेतावनी दे रहे हैं.

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धार में किसानों ने हाईवे को जाम कर दिया है.

धार/बड़वानी/खरगोन/ खंडवा.  किसान आंदोलन सोमवार से उग्र हो गया है. धार के खलघाट टोल प्लाजा पर चार जिलों के किसानों ने सुबह से नेशनल हाईवे-52 पर बैठकर चक्काजाम कर दिया. सड़क के बीचोंबीच पेड़ रख दिए गए हैं और किसान उसी पर बैठ गए. मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ करीब 400 का बल तैनात है, लेकिन स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है. यहांं कहा जा रहा है कि जैसे दिल्‍ली में किसानों ने आंदोलन किया था, वैसा ही प्रदर्शन यहां किया जाएगा. सरकार से किसानों की मांगे जब तक पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

आंदोलन की शुरुआत निमाड़ और मालवा के किसानों ने दिल्ली मॉडल पर की है. बड़वानी, धार, खरगोन और खंडवा के हजारों किसान MSP की कानूनी गारंटी और कर्जमाफी जैसी मांगों पर अड़े हैं. किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक मंत्री आकर लिखित में मंजूरी नहीं देंगे, वे हाईवे नहीं छोड़ेंगे. किसानों ने सर्दी से बचने के लिए इंंतजाम किए हैं तो दूसरी तरफ वे अपने साथ भोजन पानी की व्‍यवस्‍था भी कर चुके हैं. इलाके में अन्‍य किसानों ने भी मदद का भरोसा दिया है. किसानों के संगठन यहां पूरी तैयारी से आए हैं.

5 जिलों के किसानों का बड़ा प्रदर्शन
राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले किसानों ने सुबह से आंदोलन शुरू किया. टोल प्लाजा के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए. NH-52 पर भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई है और पूरे मार्ग पर नाकाबंदी कर दी गई है. किसानों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. संगठन के नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन छोटी अवधि का नहीं है. किसान कंबल, राशन, लकड़ी और कंडे लेकर पहुंचे हैं. इसका मतलब है कि वे कई दिनों तक बैठने की तैयारी करके आए हैं.

कर्ज माफी करो, किसान बोले-5 महीने में भी नहीं हुई सुनवाई
किसानों का दावा है कि वे पिछले पांच महीनों में कई आवेदन दे चुके हैं. लेकिन किसी अधिकारी ने उन्हें सुनने की कोशिश नहीं की. किसानों ने आरोप लगाया कि जब 22 उद्योगपतियों का 11 लाख 41 हजार करोड़ का कर्ज माफ हो सकता है, तो किसानों का 9 हजार करोड़ का कर्ज क्यों नहीं. किसानों का कहना है कि यह आंदोलन केवल जिले का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का है. उनका कहना है कि वे यहां से तभी उठेंगे जब केंद्र सरकार लिखित आश्वासन देगी.

ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, तनाव बढ़ा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने बताया कि सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात है. पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है. कुछ वाहनों को दूसरी ओर से डायवर्ट किया गया है.  फोरलेन की एक लेन पर पुलिस ने ट्रैफिक चलाने की कोशिश की. लेकिन किसान भड़क गए. किसान वाहनों के सामने खड़े हो गए. इसके बाद पुलिस को सभी वाहनों को वापस मोड़ना पड़ा.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

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एमपी में किसानों का महाजाम, धार में 5000 से ज्यादा जुटे; कई जिलों में प्रदर्शन

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