कोचिंग छोड़ किसान बना ‘सुपरफूड’ का बादशाह! 1 एकड़ में डेढ़ लाख तक कमाई

चिया सीड्स की खेती से मुनाफा: बुंदेलखंड की मिट्टी में जहां किसान आमतौर पर पारंपरिक फसलें उगाते हैं, वहीं सागर जिले के किसान अनिरुद्ध सिंह ने एक ऐसा प्रयोग किया है जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है. उन्होंने अपने खेत में सुपरफूड के नाम से मशहूर चिया सीड की खेती शुरू की और पहले ही साल में शानदार नतीजे मिले.

हालात ऐसे हैं कि उनकी फसल को देखने के लिए आसपास के जिलों से भी किसान पहुंच रहे हैं. खास बात यह है कि चिया सीड एक औषधीय फसल मानी जाती है और इसका इस्तेमाल दवाइयों और हेल्थ प्रोडक्ट्स में किया जाता है. बाजार में इसकी कीमत करीब 35 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रही है.

20 एकड़ के फार्महाउस में कर रहे खेती
अनिरुद्ध सिंह आदिवासी अंचल केसली के रहने वाले हैं. समनापुर रोड पर उनका “सुकून श्री” नाम से फार्महाउस है, जहां करीब 20 एकड़ जमीन में खेती की जा रही है. वो हर साल कुछ नया प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं. उनकी नई फसलों को देखकर आसपास के कई किसान भी प्रेरित होकर वही खेती शुरू कर रहे हैं.

कोरोना में बदली जिंदगी की दिशा
अनिरुद्ध बताते हैं कि साल 2012 में वे इंदौर चले गए थे और वहां सक्सेस अकैडमी के नाम से कोचिंग क्लास चलाते थे. इससे उन्हें हर साल करीब 25 से 30 लाख रुपये तक की बचत हो जाती थी. लेकिन 2020 में कोरोना के दौरान उन्हें वापस गांव लौटना पड़ा. खाली समय में उन्होंने अपने फार्महाउस पर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया. इसके बाद उनका मन पूरी तरह खेती में लग गया. आखिरकार उन्होंने इंदौर की कोचिंग बंद कर दी और पिछले छह साल से अपने पैतृक खेतों में आधुनिक खेती कर रहे हैं.

साल में तीन बार हो सकती है खेती
चिया सीड की खेती की सबसे खास बात यह है कि इसे रबी, खरीफ और जायद तीनों सीजन में उगाया जा सकता है. जायद सीजन में पानी थोड़ा ज्यादा देना पड़ता है, लेकिन बाकी समय इसकी लागत और मेहनत दोनों कम लगती हैं. अगर किसी किसान के पास तीन एकड़ जमीन है और वह तीनों सीजन में एक-एक एकड़ में इसकी खेती करता है, तो सालभर में करीब 6 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकता है. बाकी खाली समय में दूसरी फसल लगाकर अतिरिक्त कमाई भी की जा सकती है.

एक एकड़ में डेढ़ लाख तक मुनाफा
एक एकड़ में चिया सीड की बुवाई के लिए करीब 2.5 से 3 किलो बीज की जरूरत होती है. अच्छी देखभाल के साथ एक एकड़ में 5 से 6 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. अगर बाजार में कीमत 35 हजार रुपये प्रति क्विंटल मिलती है, तो किसान आसानी से डेढ़ लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकता है.

मार्केटिंग भी आसान
नई फसल शुरू करने में सबसे बड़ी चुनौती उसकी मार्केटिंग होती है. लेकिन आजकल लोग हेल्थ को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं, इसलिए चिया सीड की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. मध्यप्रदेश में इसकी बड़ी मंडी नीमच में है, जहां किसान अपनी उपज सालभर बेच सकते हैं. इसके अलावा जबलपुर, इंदौर, भोपाल और राजस्थान की मंडियों में भी इसकी अच्छी खरीद होती है.

किसानों के लिए नई उम्मीद
चिया सीड की फसल करीब 100 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है. मिट्टी, मौसम और देखभाल के आधार पर उत्पादन में थोड़ा फर्क हो सकता है. अनिरुद्ध सिंह की इस पहल ने आसपास के किसानों को नई उम्मीद दी है. खासकर वे किसान जो पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं और खेती से अच्छी कमाई करना चाहते हैं, उनके लिए यह फसल एक बेहतर विकल्प बन सकती है.

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