Girl Child Safety Awareness: सिंगर कैटी पेरी ने हाल ही में अपनी ज़िंदगी का सबसे दर्दनाक सच सबके सामने रखा है. उन्होंने बताया कि बचपन में उनके ही पिता ने उनका यौन शोषण(Katy Perry abuse news) किया था. अपनी किताब This Happened To Me: A Reckoning में कैटी ने वो सब लिखा है जो किसी भी बच्ची के साथ नहीं होना चाहिए. उनकी कहानी झकझोर देने वाली है, लेकिन साथ ही ये हमें सोचने पर मजबूर करती है कि कहीं हमारे घर या आसपास की छोटी बच्चियां तो इस तरह के किसी खतरे का सामना नहीं कर रही? दरअसल, जिसे हम रक्षक समझते हैं, वे ही अगर भक्षक बन जाएं तो ऐसे हालात का सामने छाेटी उम्र की बच्चियां ही क्या, बड़े भी करने से घबराते हैं. ऐसे में वक्त है यह समझने का और अपनी बच्चियों को हर हालात में खुद को प्रोटेक्ट करने की हिम्मत देने का.
कब की है ये घटना?
किताब में वे बताती हैं कि पिता का शोषण तब शुरू हुआ जब केटी बहुत छोटी थीं. शायद किंडरगार्ड जाने से पहले. वह याद करती हैं कि पिता उन्हें ड्रग्स देकर शोषित करते थे. कभी-कभी उन्हें नशीला पेय पिलाते, रात के कपड़े बदलकर ट्रक में ले जाते और चेतना और बेहोशी के बीच उनके साथ ये सब किया जाता. उन्हें यह कहा जाता था कि-सब कुछ ठीक रहेगा अगर वह मुंह बंद रखे और टांगें खुला… केटी को बाद में पता चला कि पिता अकेले नहीं थे, बल्कि उन्हें और उनकी बहन को पिता अपने दोस्तों के मजे के लिए भी इस्तेमाल करने देते थे. पिता उन्हें चुप रहने और अपराधबोध महसूस करने के लिए गुमराह करते थे. उन्हें कहा जाता था कि यह सब नॉर्मल है और यह बातें किसी को बताया नहीं जाता है.
उन्हें याद है कि उनके पिता कई अन्य तरीके से भी उनके साथ यौन शोषण करते थे. मां ने बच्चों को सुरक्षित रखने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसियों की राय और डर के कारण चुप रही. बाद में केटी ने समझा कि पिता मां को भी शोषित कर रहे थे. यह शोषण करीब 12 सालों तक चलता रहा. कहानी माता-पिता और समाज के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा और सही मार्गदर्शन कितना जरूरी है.
घर में बच्चियों को कैसे रखें सुरक्षित?
रोज़ बात करें – अपने बच्चे से हर दिन थोड़ा समय निकालकर उसकी भावनाओं और अनुभवों को समझें.
संकेतों को गंभीरता से लें – अगर बच्चा किसी व्यक्ति से डर या असहज महसूस करे, उसकी बात को हल्के में न लें.
गुड टच / बैड टच सिखाएं – बच्चा खुद की सुरक्षा समझे और अपनी सीमाएं जान सके.
घर में निगरानी रखें – आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखें, खासकर सौतेले या रिश्तेदार पुरुषों पर.
प्राइवेसी का सम्मान – बच्चे की व्यक्तिगत जगह और अधिकारों का सम्मान करें.
शिकायत को गंभीर लें – बच्चा अगर किसी के व्यवहार के बारे में बताए, तो उसे झूठ न मानें.
सेफ्टी एजुकेशन – स्कूल या समाज में बच्चों के लिए सेफ्टी प्रोग्राम से जोड़ें.
भरोसेमंद माहौल बनाएं – माता-पिता को बच्चा अपना भरोसेमंद साथी महसूस कराए, ताकि बच्चा खुलकर बात कर सके.
कानूनी कदम उठाएं – किसी भी शिकायत पर तुरंत उचित कार्रवाई करें, देर न करें.
प्यार और सुरक्षा का माहौल दें – प्यार, विश्वास और सुरक्षा का माहौल ही सबसे बड़ा कवच है जो बच्चे को मानसिक और शारीरिक रूप से सुरक्षित रखता है.
याद रखें, बच्चों खास तौर पर बेटियों की चुप्पी को नज़रअंदाज़ करना सबसे बड़ी गलती है. जागरूक रहें, तभी उन्हें बचा सकते हैं.
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