सागर की शाहगढ़ थाना पुलिस ने फर्जी डीएसपी और दो पुलिस जवानों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जबलपुर से शाहगढ़ आए थे। वे होमगार्ड में नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से 1 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। लेकिन युवक को संदेह हुआ और उसने असली पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपियों को धरदबोचा। थाने लाकर तीनों से पूछताछ की जा रही है। नौकरी के नाम पर युवक से मांगे 1 लाख रुपए
पुलिस के अनुसार, नगर में रहने वाले फरियादी युवक ने बताया कि वह कुछ दिनों से एक डीएसपी के संपर्क में है। वह होमगार्ड में नौकरी लगवाने की बात कह रहे हैं। नौकरी लगवाने के बदले 1 लाख रुपए की मांग की जा रही है। लेकिन मुझे संदेह है। डीएसपी अपना नाम शिवम चतुर्वेदी जबलपुर में पदस्थ होने की बात कहता है। शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई। युवक ने फर्जी डीएसपी से बात की और 1 लाख रुपए देने को तैयार हो गया। जिसके बाद बुधवार को फर्जी डीएसपी बगैर नंबर की बोलेरो में दो फर्जी पुलिस जवानों को लेकर शाहगढ़ पहुंच गया। कैफे पर घेराबंदी कर फर्जी पुलिसकर्मियों को पकड़ा
शाहगढ़ में युवक ने उन्हें चायगढ़ कैपे में मिलने बुलाया। मामले की सूचना शाहगढ़ थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस चायगढ़ कैफे पर पहुंची और फर्जी डीएसपी और फर्जी दो जवानों को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उनके पास कोई दस्तावेज नहीं मिले। जांच में तीनों फर्जी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी होना पाए गए। पूछताछ में फर्जी डीएसपी ने अपना नाम शिवम चतुर्वेदी, फर्जी पुलिस आरक्षकों ने अपने नाम राजकुमार ठाकुर और सतीश सिंह ठाकुर निवासी बरही जबलपुर होना बताया। मामला दर्ज कर पूछताछ कर रहे
शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि फर्जी डीएसपी और दो पुलिस आरक्षकों को पकड़ा है। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में स्पष्ट हुआ कि तीनों आरोपी वास्तविक पुलिस अधिकारी या कर्मचारी नहीं है। वे सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान बनाकर नौकरी के नाम पर ठगी करने की साजिश रच रहे थे। तीनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। मामले में तीनों से पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में इसी तरह का मामला ग्वालियर क्राइम ब्रांच में भी दर्ज हुआ था। आगे की जांच चल रही है। .