एम्स प्रोफेसर के पक्ष में उतरे फैकल्टी डॉक्टर, विरोध प्रदर्शन और सामूहिक छुट्टी पर जाने की दी चेतावनी

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एम्‍स नई दिल्ली में सेक्‍सुअल हेरेसमेंट के आरोप में एचओडी पद से हटाए गए डॉ. एके बिसोई को बहाल करने की मांग कर रहे फैकल्‍टी एसोस‍िएशन फेम्‍स ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है. एसोस‍िएशन का कहना है क‍ि अगर डॉ. बि‍सोई को बहाल नहीं क‍िया गया तो डॉक्‍टर शन‍िवार को सामूह‍िक अवकाश पर चलेग जाएंगे.

एम्‍स नस और प्रोफेसर मामले में अब फैकल्‍टी एसोस‍िएशन ने व‍िरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है.

Aiims New Delhi: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली में सेक्सुअल हेरेसमेंट मामले में विवाद गहराता जा रहा है. नर्स से अभद्रता और उत्पीडन मामले में आरोपी कार्डियो थोरासिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के हेड डॉ. एके बिसोई को फिर से बहाल करने की मांग की जा रही है. एम्स के फैकल्टी एसोसिएशन ने ऐसा न करने पर अस्पताल प्रशासन को विरोध प्रदर्शन और डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है.

एम्स के फैकल्टी एसोसिएशन फेम्स की ओर से कहा गया है कि डॉ. बिसोई को हेड के पद से हटाने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है. एक नर्स की शिकायत के बाद प्रोफेसर को पद से तो हटा दिया गया लेकिन उनका पक्ष नहीं जाना गया. फेम्स की ओर से कहा गया कि अगर डॉ. बिसोई को वापस पद पर बहाल नहीं किया गया तो इसके खिलाफ न केवल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा बल्कि शनिवार को डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे.

बता दें कि 30 सितंबर को एम्स की नर्सिंग स्टाफ ने डॉ. बिसोई के खिलाफ कार्यस्थल पर डराने-धमकाने, उत्पीड़न और गंदी व गैर-पेशेवर और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया था. एम्स की नर्स यूनियन ने उसी दिन इस बारे में एम्स के निदेशक से शिकायत कर दी. उसके बाद 4 और 7 अक्टूबर को भी निदेशक और प्रधानमंत्री कार्यालय को कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया था. जिस पर संज्ञान लेते हुए एम्स निदेशक ने 11 अक्टूबर को डॉ. बिसोई को पद से हटा दिया और प्रोफेसर वी देवागौड़ा को विभाग के हेड की जिम्मेदारी सौंप दी.

इस कार्रवाई का विरोध कर रही फैकल्टी एसोसिएशन का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में डॉ. बिसोई को अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया, जो कि न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है. इसके साथ ही FAIMS ने यह भी सवाल उठाया कि शिकायत जो पहले ही आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को भेज दी गई थी, उसे नर्स यूनियन के साथ क्यों साझा किया गया, जबकि यह नियमों के खिलाफ है.

एसोसिएशन ने कहा कि नर्स यूनियन द्वारा विरोध की धमकी प्रशासन पर अनावश्यक दबाव है और इससे संस्थान की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है.फेम्स ने नर्स यूनियन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है, जिसमें वर्तमान पदाधिकारियों को निलंबित करना, भविष्य के चुनावों से अयोग्य घोषित करना और यहां तक कि यूनियन पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करना शामिल है.

priya gautamSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें

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