बार-बार लग रही नजर? कालाष्टमी पर करें छोटा सा उपाय, कवच बनेगा ‘काला’ धागा

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Kalashtami 2026: अगर जीवन में बार-बार कोशिश के बाद भी किसी न किसी चीज की कमी बनी रहती है, तो कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के चरणों में काले रंग का धागा रखें. पांच मिनट तक ध्यान करें और इसके बाद धागे को दाएं पैर पर बांध लें.

उज्जैन. हिंदू धर्म में हर तिथि और वार का अपना खास महत्व माना गया है. इन्हीं पवित्र तिथियों में से एक है कालाष्टमी, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आती है. इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप भगवान काल भैरव की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से काल भैरव की आराधना करता है, उसे भय, संकट, नकारात्मक शक्तियों और जीवन की परेशानियों से रक्षा मिलती है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज लोकल 18 को बताते हैं कि कालाष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है बल्कि यह ऐसा अवसर है, जब व्यक्ति अपने जीवन की बाधाओं और समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए विशेष उपाय कर सकता है.

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 मार्च को देर रात 1 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी जबकि इस तिथि की समाप्ति 12 मार्च को सुबह 4 बजकर 19 मिनट पर होगी. ऐसे में चैत्र महीने की कालाष्टमी का व्रत 11 मार्च 2026 यानी बुधवार को रखा जाएगा और इसी दिन दान-पुण्य किए जाएंगे.

जरूर करें ये उपाय
1. कालाष्टमी के दिन भैरव मंदिर जाकर उनके चरणों में चढ़ा सिंदूर लें और उसे एक काले धागे पर लगाएं. इसके बाद श्रद्धा से “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं” मंत्र का जाप करते हुए उस धागे को गले या दाएं हाथ की कलाई में बांध लें. मान्यता है कि ऐसा करने से यह धागा सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है और नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर से रक्षा करता है. श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह उपाय जीवन में सकारात्मकता लाने में सहायक माना जाता है.

2. अगर जीवन में बार-बार प्रयास के बाद भी किसी न किसी चीज की कमी बनी रहती है, तो कालाष्टमी के दिन भैरव जी के चरणों में काले रंग का धागा रखें. पांच मिनट तक ध्यान करने के बाद उसे दाएं पैर पर बांध लें.

3. स्वास्थ्य या लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत के लिए सरसों के तेल में चुपड़ी रोटी काले कुत्ते को खिलाएं और मन ही मन काल भैरव का स्मरण करें.

4. धन और सुख-साधनों में वृद्धि के लिए मिट्टी के दीपक में सरसों के तेल का दीपक जलाकर “ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊं” मंत्र जाप करें. अगर पारिवारिक जीवन में तनाव है, तो स्नान के बाद भगवान शिव के सामने बैठकर शिव चालीसा का पाठ करें.

5. कालाष्टमी के दिन उड़द की दाल का दान करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है. उड़द की दाल को भी शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है. इससे प्रेम जीवन अच्छा होता है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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