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Risk Of Using Phone At Night: मोबाइल आंखों की हेल्थ के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है. खासतौर पर यदि आप रात के समय अंधेरे में मोबाइल चला रहे हैं, तो आपकी आंखे जल्दी हो सकती है. ऐसा क्यों हैं, चलिए यहां रेटिना सर्जन से जानते हैं.
आज के समय में मोबाइल जिंदगी का केंद्र बन गया है. फिर वो चाहे ऑफिस का काम हो या मनोरंजन किसी न किसी कारण से लोग इससे चिपके रहने के आदी हो गए हैं. बिस्तर पर लेटकर वीडियो देखना, मैसेज करना या सोशल मीडिया स्क्रॉल करना आम है. इससे सिर्फ आपका टाइम पास ही नहीं हो रहा है बल्कि आपके आंखे भी धीरे- धीरे अपनी शक्ति खो रही है. हालांकि इसका असर आपको तुरंत महसूस नहीं होगा.
डॉ. पवन गुप्ता, सीनियर कैटरैक्ट व रेटिना सर्जन, आई 7 हॉस्पिटल, लाजपत नगर व विज़न आई क्लिनिक, नई दिल्ली बताते हैं कि रात के समय मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी हमारी नींद और आंखों पर बुरा प्रभाव डालती है. नींद की कमी, आंखों में जलन, थकान और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं इसी वजह से बढ़ रही हैं. बच्चों और युवाओं में चश्मे का नंबर बढ़ना भी एक बड़ी चिंता बनता जा रहा है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि रात में मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल कैसे नुकसान करता है और इससे कैसे बचा जा सकता है.
नींद पर असर
मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में मेलाटोनिन नामक हार्मोन को कम कर देती है. यह हार्मोन नींद लाने में मदद करता है. इसके कारण देर से नींद आती है, नींद बार-बार टूटती है और सुबह थकान महसूस होती है. लंबे समय तक ऐसा होने से तनाव और मानसिक परेशानी बढ़ सकती है.
आंखों की समस्याएं
अंधेरे में मोबाइल देखने से आंखों पर ज्यादा जोर पड़ता है. लगातार स्क्रीन देखने से पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखों में सूखापन, जलन, भारीपन और पानी आना जैसी दिक्कतें होती हैं.
मायोपिया का खतरा
रात में लंबे समय तक मोबाइल देखने से नजदीक की चीजों पर फोकस बना रहता है. इससे बच्चों और युवाओं में मायोपिया यानी दूर की चीजें साफ न दिखने की समस्या बढ़ सकती है.
बचाव के उपाय
– सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद करें.
– नाइट मोड या ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें.
– सोते समय मोबाइल दूर रखें.
– आंखों को आराम देने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें.
About the Author
शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.