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Health Care Tips: आंखों के आगे धुंधपान छाना, कई बार पल भर का हो सकता है तो कई बार ये दिक्कत लंबे समय तक रह सकती है. दरअसल बहुत से लोग जब सुबह उठते हैं तो इस दिक्कत को महसूस करते हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि ये समस्या क्यों हो रही है. इसका कारण क्या है और क्या इसे नजरअंदाज कर देना चाहिए या फिर आपको डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए और स्थिति को गंभीर समझना चाहिए. आंखें अनमोल हैं, लेकिन हमारी छोटी-छोटी गलतियां इन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. शराब, धूम्रपान और नींद की कमी कैसे आपकी नजर को धुंधला कर रही हैं, ये आपको पता भी नहीं चलता. आइए जानते हैं आयुष मंत्रालय का क्या कहना है, कैसे आंखों को सुरक्षित रख सकते हैं.
आंखें मानव शरीर का सबसे संवेदनशील और अनमोल अंग हैं. इनके बिना दुनिया की कल्पना करना भी कठिन है. हालांकि, आधुनिक जीवनशैली और डिजिटल युग में हमारी कुछ अनजानी लापरवाही धीरे-धीरे हमारी दृष्टि को कमजोर कर रही हैं. आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार, यदि हम अपनी दैनिक दिनचर्या की कुछ आदतों को बदल लें, तो गंभीर नेत्र रोगों से बचा जा सकता है.

अत्यधिक शराब का सेवन आंखों की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है, जिससे नजर धुंधली होने लगती है. वहीं, तंबाकू और धूम्रपान में मौजूद टॉक्सिन्स सीधे तौर पर रेटिना और ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे ‘मैकुलर डिजनरेशन’ और मोतियाबिंद का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो आगे चलकर अंधेपन का कारण भी बन सकता है.

आंखों की सेहत के लिए पर्याप्त आराम अनिवार्य है. रात भर जागने या 7-8 घंटे की नींद न लेने से आंखों में लालिमा, सूखापन और डार्क सर्कल्स बढ़ जाते हैं. नींद के दौरान आंखें खुद की मरम्मत करती हैं, जिसकी कमी से रोशनी कम हो सकती है. इसके साथ ही, लगातार घंटों तक बिना ब्रेक लिए स्क्रीन देखने से ‘आई स्ट्रेन’ और सिरदर्द की समस्या स्थायी हो सकती है.
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हम अक्सर गंदे हाथों से आंखों को रगड़ देते हैं, जो संक्रमण (जैसे कंजक्टिवाइटिस) का मुख्य कारण है. हाथों के बैक्टीरिया आंखों की झिल्ली को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा, काम के दौरान आंखों में थकान महसूस होने पर भी उन्हें आराम न देना मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है.

आंखों को सेहतमंद रखने के लिए आयुष मंत्रालय ने कुछ सरल सुझाव दिए हैं. रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद लें. शराब, तंबाकू और पान मसाला से पूरी तरह दूरी बनाएं. स्क्रीन देखते समय हर 20 मिनट में ब्रेक लें और पलकें झपकाएं. आंखों को हमेशा ठंडे और साफ पानी से धोएं.

पौष्टिक आहार लें, जिसमें विटामिन-A प्रचुर मात्रा में हो. समय रहते इन आदतों में सुधार न केवल आपकी नजर की रक्षा करेगा, बल्कि भविष्य में होने वाले महंगे ऑपरेशनों से भी आपको बचाएगा. यदि आंखों में निरंतर जलन या धुंधलापन महसूस हो, तो तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लें.
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