फ्लाइट में सीट चुनने का एक्स्ट्रा चार्ज खत्म: अब 60% सीटें फ्री मिलेंगी; फैमिली और ग्रुप को एक साथ बिठाना अनिवार्य

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नई दिल्ली12 मिनट पहले

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अब फ्लाइट में सफर करने के लिए आप अपनी पंसद की सीट फ्री में सिलेक्ट कर सकेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने आज 18 मार्च को एयरलाइंस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू फ्लाइट्स में कम से कम 60% सीटें फ्री सिलेक्शन के लिए रखी जाएं।

अभी तक एयरलाइंस कंपनियां वेब चेक-इन के दौरान ज्यादातर सीटों के लिए 200 से 1500 रुपए तक अलग से पैसे वसूलती थीं, लेकिन नए नियमों के बाद यात्रियों को पसंदीदा सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।

वेब चेक-इन के दौरान छिपे हुए खर्चों पर लगेगी लगाम

अक्सर देखा जाता है कि टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तो उन्हें फ्री सीट के नाम पर केवल 20% ऑप्शन ही मिलते थे। बाकी सीटों के लिए कंपनियां ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर भारी वसूली करती थीं। DGCA के नए आदेश के मुताबिक, अब हर फ्लाइट में 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए, जिन्हें यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुन सकें।

एक PNR वाले पैसेंजर और फैमिली को साथ में सीट मिलेगी

मंत्रालय ने एयरलाइंस से कहा है कि अगर कोई परिवार या ग्रुप एक साथ टिकट बुक करता है, तो उन्हें अलग-अलग बिठाने के बजाय एक साथ वाली सीटें ही दी जाएं।

  • पुरानी समस्या: पहले परिवारों को साथ बैठने के लिए एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने पड़ते थे या अलग-अलग सीटों पर बैठना पड़ता था।
  • नया नियम: अब एयरलाइंस को कोशिश करनी होगी कि साथ सफर करने वाले लोगों को आसपास की सीटें ही अलॉट की जाएं।

पालतू जानवरों और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स के लिए स्पष्ट नियम बनाने होंगे

सरकार ने एयरलाइंस से कहा है कि वे अपनी सेवाओं को लेकर ज्यादा ‘पैसेंजर फ्रेंडली’ बनाएं।

  • स्पोर्ट्स और म्यूजिक: खिलाड़ियों के स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और कलाकारों के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स ले जाने के लिए अब पारदर्शी नियम बनाने होंगे।
  • पेट्स: हवाई यात्रा में पालतू जानवरों को साथ ले जाने को लेकर अक्सर यात्रियों और एयरलाइंस के बीच विवाद होता है। अब कंपनियों को इसके लिए स्पष्ट और पब्लिक गाइडलाइंस जारी करनी होगी।

शिकायतों के बाद सख्त मंत्रालय, यात्रियों को बताने होंगे अधिकार

यह फैसला एयरलाइंस द्वारा सीट सिलेक्शन और अन्य सेवाओं के नाम पर वसूले जा रहे भारी चार्ज की बढ़ती शिकायतों के बाद लिया गया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि:

  • अधिकारों का प्रदर्शन: फ्लाइट देरी, कैंसिलेशन या बोर्डिंग न मिलने पर यात्रियों के क्या अधिकार हैं, इसे वेबसाइट, ऐप और एयरपोर्ट काउंटर पर प्रमुखता से दिखाना होगा।
  • क्षेत्रीय भाषा: यात्रियों को उनके अधिकारों की जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में भी देनी होगी ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके।

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बना भारत

भारत का घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और अब यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। भारतीय एयरपोर्ट्स पर हर दिन 5 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए एयरपोर्ट्स पर किफायती खाने के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’ और फ्री वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।

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यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

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