HDFC Bank: देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक के शेयरों का आज बुरा हाल है. आज बाजार खुलते ही बैंक के शेयर 9 परसेंट तक लुढ़ककर 770 रुपये के अपने नए 52-हफ्ते के निचले लेवल पर आ गए. शेयरों में आई इस बड़ी गिरावटकी वजह से बैंक के मार्केट कैप से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में लिस्टेड HDFC बैंक के ADR (American Depositary Receipt) में भी रातभर में 7 परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई.
बैंक ने दिलाया निवेशकों को भरोसा
शेयरों में यह गिरावट HDFC बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) के 18 मार्च को अचानक इस्तीफे के बाद आई. अपने इस्तीफे पत्र में उन्होंने बैंक की कार्यप्रणाली और नैतिक मूल्यों के बीच तालमेल न होने की बात कही. उनके ऐसा कहने से निवेशकों में घबराहट पैदा हो गई, जिससे शेयर बिकवाली के दबाव में आ गए.
इस बीच HDFC Bank के डायरेक्टर Keki Mistry और MD & CEO Sashidhar Jagdishan ने आज कॉन्फ्रेंस कॉल में निवेशकों और मीडिया को भरोसा दिलाया कि बोर्ड मेंबर Manoj Chakraborty के इस्तीफे का बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी या कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
बैंक ने और क्या कहा?
केकी मिस्त्री ने यह भी बताया, ”RBI की तरफ से बैंक की ऑडिटिंग पूरी हो चुकी है. Risk Management System बेहद मजबूत है.” CEO Sashidhar Jagdishan ने कहा कि बोर्ड को Chakraborty के पत्र में उठाए गए मुद्दों की कोई जानकारी नहीं थी. चेयरमैन के इस्तीफे पर Jagdishan ने कहा कि अगर बैंक की वैल्यू से उनका मेल नहीं होता तो वह यह पद कभी नहीं लेते.
उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि बिजनेस में स्थिरता पहले जैसी ही है. Execution Capability में कोई बदलाव नहीं. Governance, Integrity और Value Creation पर फोकस जारी रहेगा. strategic Direction और Priorities पूरी तरह वही हैं.
RBI ने क्या कहा?
बता दें कि RBI यह पुष्ट कर चुकी है कि उनके रिकॉर्ड के मुताबिक, बैंक के कामकाज या गवर्नेंस में कोई गंभीर कमी नहीं है. बैंक की वित्तीय स्थिति भी संतोषजनक है. उसके पास पर्याप्त् मात्रा में लिक्विडिटी भी है.
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