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Kulfi Business Success Story: राजस्थान के विनोद कुमावत की सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है. आर्थिक तंगी के कारण 12वीं के बाद उनकी पढ़ाई छूट गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आज वे मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में कुल्फी और शेक बेचकर हर महीने करीब 25 हजार रुपये तक कमा रहे हैं. गर्मियों के 7 से 8 महीने वे छतरपुर में रहकर कुल्फी का कारोबार करते हैं और सर्दियों में राजस्थान लौटकर खेती करते हैं. जानिए कैसे छोटे से ठेले से विनोद ने मेहनत और हुनर के दम पर अपनी आजीविका का मजबूत रास्ता बना लिया.
Roadside Business Success Story: कहते हैं अगर इंसान में मेहनत और लगन हो तो वह किसी भी काम से अपनी जिंदगी बदल सकता है. ऐसी ही कहानी है राजस्थान के रहने वाले विनोद कुमावत की. विनोद ने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की, लेकिन घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें आगे पढ़ने का मौका नहीं मिल पाया.
हालांकि, उन्होंने हालात के सामने हार नहीं मानी. पढ़ाई छूटने के बाद ही उन्होंने काम करने का फैसला किया और आज अपने हुनर के दम पर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में कुल्फी और शेक बेचकर हर महीने अच्छी कमाई कर रहे हैं.
8 साल से छतरपुर आकर कर रहे कारोबार
विनोद कुमावत ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वे पिछले करीब 8 सालों से हर साल राजस्थान से छतरपुर आते हैं. यहां के लोगों को राजस्थान की कुल्फी और शेक काफी पसंद आते हैं, इसलिए उनका काम अच्छा चलता है. वे हर साल मार्च के महीने में छतरपुर आ जाते हैं और करीब 7 से 8 महीने तक यहीं रहकर अपना ठेला लगाकर कुल्फी और शेक बेचते हैं. गर्मी के मौसम में उनकी दुकान पर ग्राहकों की अच्छी भीड़ लगती है.
कुल्फी बेचकर हो रही 25 हजार रुपये तक कमाई
विनोद बताते हैं कि राजस्थान से आकर यहां काम करना उनकी मजबूरी नहीं बल्कि उनका हुनर है. इसी हुनर के दम पर वे हर महीने करीब 25 हजार रुपये तक कमा लेते हैं. वे बताते हैं कि उनकी कमाई भले ही 25 हजार रुपये के आसपास हो, लेकिन रहने और खाने का खर्च नहीं लगता, इसलिए अच्छी बचत भी हो जाती है. वे शाम के समय अपनी गाड़ी लगाते हैं और रात करीब 10 बजे तक कुल्फी और शेक बेचते हैं.
8 महीने छतरपुर, सर्दियों में वापस राजस्थान
विनोद के अनुसार छतरपुर में कुल्फी और शेक का काम करीब 7 से 8 महीने तक चलता है. इसके बाद सर्दियों का मौसम शुरू हो जाता है, जब ठंड में लोग कुल्फी और शेक कम खाते हैं. इसलिए सर्दियों में वे वापस राजस्थान लौट जाते हैं और वहां खेती का काम करते हैं. उनका कहना है कि राजस्थान में गर्मी और बरसात में खेती करना मुश्किल होता है, इसलिए वे उस समय छतरपुर आकर व्यापार करते हैं.
ग्राहकों को मिलते हैं कई तरह के स्वाद
विनोद अपने ठेले पर कई तरह की कुल्फी और शेक बेचते हैं. इनमें राजभोग, अमेरिकन, काजू द्राक्ष, केसर पिस्ता कुल्फी, वेनिला, बादाम शेक, फालूदा, फ्रूट सलाद, काजू शेक, अंजीर शेक और लस्सी जैसी कई चीजें शामिल हैं. गर्मी के मौसम में इन ठंडी चीजों का स्वाद लेने के लिए लोग दूर-दूर से उनकी गाड़ी पर पहुंचते हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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