Last Updated:
कनाडा ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में इनवाइट किया है, जिसे MEA ने स्वीकार कर लिया है. भारत को इस बैठक में ‘आउटरीच पार्टनर’ के तौर पर बुलाया गया है, जिससे कनाडा का भारत के साथ रिश्ते सुधारने का उद्देश्य साफ समझ आता है.
ओटावा: कनाडा की मौजूदा सरकार, पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की गलतियां सुधारने में जुटी है और भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने के लिए कदम उठा रही है. हाल ही में कनाडा सरकार ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को जी7 का न्योता भेजा है. विदेश मंत्री 12 नवम्बर 2025 को कनाडा के ओंटारियो प्रांत के दौरे पर पहुंचेंगे, जहां पर वो जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. जयशंकर इस मीटिंग में ‘आउटरीच पार्टनर’ के तौर पर हिस्सा लेंगे. आगे जानें क्या है इस बैठक में जयशंकर के शामिल होने के मायने और मीटिंग में किन वैश्विक मुद्दों पर बात की जाएगी.
क्या है Outreach Partner का मतलब?
G7 बैठक में क्या-क्या होगा?
ओंटारियो के नियाग्रा में 11 और 12 नवंबर को G7 सम्मेलन होगा. जिसमें जयशंकर से जी7 समूह के साथ बैठकों के अलावा कई समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है, जिसका मुख्य केंद्र व्यापार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक शासन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर रहेगा. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि जयशंकर का G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होना, भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ काम करना है.
.