आगर मालवा जिले की कृषि उपज मंडी में आज शुक्रवार को अवकाश घोषित होने के बावजूद सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। मंडी प्रशासन ने संभावित बारिश के कारण शुक्रवार को मंडी बंद रखने का आदेश जारी किया था, लेकिन सुबह किसान अपनी उपज लेकर पहुंच गए और व्यापारियों ने खरीदी शुरू कर दी। दरअसल, अवकाश के आदेश की जानकारी सभी किसानों तक ठीक से नहीं पहुंच पाई थी। इसके चलते कई किसान सुबह अपनी उपज जैसे गेहूं, चना आदि लेकर मंडी परिसर पहुंच गए। किसानों की उपस्थिति देखकर मंडी में मौजूद व्यापारी भी एक्टिव हो गए। मंडी सचिव की सहमति पर खरीदी शुरू व्यापारियों ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए मंडी सचिव से संपर्क किया। उन्होंने तर्क दिया कि जब किसान अपनी उपज लेकर आ चुके हैं, तो उन्हें बिना खरीदी लौटाना उचित नहीं होगा। इस पर मंडी सचिव ने कथित तौर पर कहा, “जो आपको उचित लगे, वो करो।” इसके बाद व्यापारियों ने किसानों की उपज की खरीदी शुरू कर दी। अवकाश आदेश पर फिर उठे प्रशासनिक सवाल गौरतलब है कि बुधवार शाम को मंडी प्रशासन ने बारिश की आशंका के मद्देनजर शुक्रवार, 20 फरवरी को अवकाश घोषित किया था। इस आदेश को लेकर पहले भी सवाल उठे थे, और अब अवकाश के दिन मंडी का खुल जाना प्रशासनिक निर्णयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है। किसान बोले- मंडी बंद की सूचना नहीं मिली किसानों का कहना है कि उन्हें मंडी बंद होने की स्पष्ट सूचना नहीं मिली, जिसके कारण वे अपनी उपज लेकर पहुंच गए। वहीं, व्यापारियों ने अपनी कार्रवाई को मानवीय दृष्टिकोण से उचित ठहराया, उनका तर्क था कि किसानों को बिना खरीदी लौटाने से उन्हें नुकसान होता। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक निर्णयों में स्पष्टता और समन्वय की आवश्यकता को उजागर किया है। पहले अवकाश का आदेश और फिर मंडी का खुल जाना, आगर मालवा में चर्चा का विषय बन गया है। इस स्थिति के कारण कई किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी नहीं पहुंच पाए, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। .