बदलते मौसम का असर, नॉर्थ इंडिया में बच्चों की ओपीडी 30% तक बढ़ी

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दिल्ली-एनसीआर में बदलते मौसम ने सबसे ज्यादा असर नवजात और दो साल से कम उम्र के बच्चों पर डाला है. बच्चों की ओपीडी में 30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. तरुण सिंह ने बताया कि नेबुलाइजर की बिक्री अचानक क्यों बढ़ी और किन गलतियों की वजह से छोटे बच्चे ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं, जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

दिल्ली: उत्तर भारत में और खासकर दिल्ली-एनसीआर में जिस तरह से लगातार मौसम करवटें बदल रहा है. ऐसे में अचानक तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को कभी अचानक गर्मी लगने का एहसास हो रहा है तो कभी अचानक तापमान गिरने की वजह से ठंड लग रही है. वहीं इस मौसम के चलते जहां बड़े-बुजुर्ग लोग तो बीमार पड़ ही रहे हैं, वहीं डॉक्टरों का कहना है कि इस वक्त नवजात बच्चे और 2 साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं. डॉक्टर यह क्यों बोल रहे हैं और इसके पीछे उनके पास क्या तथ्य हैं? जब हमने इस विषय पर दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रसिद्ध चाइल्ड स्पेशलिस्ट और न्यूबॉर्न स्पेशलिस्ट डॉ. तरुण सिंह से बात की तो आइए आपको बताते हैं उन्होंने इस पर क्या कुछ अहम बातें साझा की.

डॉ. तरुण ने कहा कि इस बार सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में जिस तरह मौसम लगातार करवट ले रहा है. उससे उत्तर भारत के गवर्नमेंट और प्राइवेट हॉस्पिटलों में बच्चों की ओपीडी में 20% से 30% बढ़ोतरी हुई है. उनका कहना था कि इसमें सबसे ज्यादा बीमार पड़ने वाले बच्चे नवजात शिशु थे. लेकिन यह भी देखा गया है कि 2 साल और उससे कम उम्र के बच्चे भी इस बार काफी ज्यादा बीमार हुए हैं और उनके केस ओपीडी में ज्यादा आए हैं. वहीं डॉ. तरुण का यह भी कहना था कि सबसे चिंता वाली बात तो यह है कि फार्मास्यूटिकल्स वालों से जब भी बात हुई है, तो उनका कहना था कि इस बार नेबुलाइजर की बिक्री बढ़ी है और हर तीन में से एक नेबुलाइजर छोटे बच्चों के लिए खरीदा गया है.

बच्चों को इस तरह से बचाएं
डॉ. तरुण ने सबसे पहले तो यह कहा कि मौसम लगातार बदल रहा है इसलिए माता-पिता अपने छोटे बच्चों के कपड़े जल्दी से कम कर रहे हैं और उन्हें पतले कपड़े पहना रहे हैं. जबकि उनको ऐसा नहीं करना चाहिए. माता-पिता को बच्चों को कॉटन के कपड़े एक के ऊपर एक पहनकर रखने चाहिए, जिससे एक लेयर बनी रहेगी और उनके शरीर को गर्मी मिलती रहेगी. उनका कहना था कि इस वक्त यह जीवन के बच्चों को गर्मी लग रही है तो माता-पिता को परेशानी लेने की जरूरत नहीं है. जरूरी यह है कि जब भी कभी बीच में मौसम ठंडा हो या अचानक ठंडी हवा चले तो उससे बच्चों को बचाया जाए क्योंकि यही चीज इस वक्त बच्चों को सबसे ज्यादा बीमार कर रही है.

उनका यह भी कहना था कि इस वक्त बच्चों को लगातार पौष्टिक खाना खिलाते रहें और इस मौसम में तो बच्चों को बाहर का खाना बिल्कुल बंद कर दें और जब भी बच्चा बीमार पड़े तो उसे डॉक्टर के पास जरूर लेकर जाएं. अंत में उन्होंने यह भी कहा कि खासकर दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई भी काफी ज्यादा खराब रहता है, तो माता-पिता इस बात का जरूर ध्यान रखें कि जब भी सुबह और शाम के समय एक्यूआई खराब हो, तो अपने छोटे बच्चों को बाहर लेकर न निकलें.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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