पराली और मशरूम से बना इको-फ्रेंडली वॉल पैनल, आग और पानी से सुरक्षित

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Architect Gauri Gautam Success Story: देश में बढ़ते प्रदूषण और आग से जुड़ी घटनाओं के बीच एक युवा आर्किटेक्ट ने अनोखा समाधान खोज निकाला है. फरीदाबाद की गौरी गौतम ने पराली और मशरूम की जड़ों से इको-फ्रेंडली वॉल पैनल तैयार किया है, जो न सिर्फ आग और पानी से सुरक्षित है, बल्कि घर के तापमान को भी नियंत्रित रखने में मदद करता है. यह इनोवेशन न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि आर्किटेक्चर इंडस्ट्री में एक नई दिशा देने वाला कदम भी माना जा रहा है. रिपोर्ट- अंजली सिंह

जून 2025 में द्वारका सेक्टर-13 में एक फ्लैट में लगे हुए पीवीसी और पीओपी पैनल में आग लग जाने की वजह से 3 लोगों की मौत हो गई थी. तब से लोगों में पीवीसी और पीओपी पैनल लगाने का डर साफ तौर पर नजर आने लगा था. ऐसे में देश की युवा आर्किटेक्ट गौरी गौतम ने सोचा क्यों ना एक ऐसा वॉल पैनल बनाया जाए, जो आग और पानी दोनों से सुरक्षित हो. जो लोगों के घरों का तापमान भी कम करने का काम करे.

इसी सोच से आर्किटेक्ट गौरी गौतम से बना दिया देश का पहला इको फ्रेंडली वॉल पैनल, जिसे किसानों से लेकर पराली और मशरूम की जड़ों से तैयार किया गया है. आर्किटेक्ट इंडस्ट्री में यह अनोखी खोज करके आर्किटेक्ट इंडस्ट्री में इसे लाने का काम गौरी गौतम ने किया है. जो कि फरीदाबाद की रहने वाली हैं और यशोभूमि में आयोजित स्टार्टअप के महाकुंभ में उन्होंने जब अपना स्टार्टअप लोगों के सामने पेश किया तो लोग इसे देखते रह गए.

गौरी गौतम ने बताया कि उनकी उम्र मात्र 24 साल है और 23 साल की उम्र में उन्होंने बिजनेस शुरू किया था. 2 साल नौकरी की थी, लेकिन वहां मन नहीं लगा. क्योंकि वह अपनी आर्किटेक्ट इंडस्ट्री को कुछ नया देना चाहती थी. जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद हो. उन्होंने अपनी आर्किटेक्ट की पढ़ाई भी गुडगांव से की थी.

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वह कहती हैं कि उन्होंने देश में बढ़ते हुए प्रदूषण को देखा और पीवीसी और पीओपी पैनल में लगने वाली आग को देखा. तब उनको लगा कि कुछ ऐसा बनाना चाहिए. जो पर्यावरण को भी साफ रखे और आग और पानी से भी सुरक्षित हो.

इसके बाद उन्होंने फरीदाबाद के किसानों से पराली और मशरूम की जड़ों को लेकर के वॉल पैनल बनाई. यह वॉल पैनल बहुत ही हल्का है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इन्हें टेप से भी चिपकाया जा सकता है. इसमें आग नहीं लगेगी और यह पानी से भी सुरक्षित रहेगी. उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में ही अपनी लैब को शुरू करके वहां पर इसकी जांच की थी. जहां तब पाया था कि यह एकदम सुरक्षित है और 2 महीने बाद वह इसे कमर्शियल करने वाली हैं.

गौरी गौतम ने बताया कि पराली और मशरूम से बने हुए इस वॉल पैनल की खासियत यह है कि यह मौसम के अनुरूप अपने आप को ढाल लेगा. यानी गर्मियों में ठंडा रहेगा और ठंडियों में गर्म रहेगा. यह कमरे के अंदर के तापमान को भी कम कर देगा. यही नहीं, बाहर के शोर शराबे को भी यह अंदर नहीं आने देगा.

पराली और मशरूम से बनाये गए वॉल पैनल की बहुत सारी खासियत है. उन्होंने बताया कि इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होगी. क्योंकि इसे पराली और मशरूम की जड़ों से बनाया गया है. 2000 रुपयें में 2/4 इस पैनल की कीमत रखी जाएगी. उन्होंने बताया कि उनके स्टार्टअप का नाम माइसेलस है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. आर्किटेक्ट इंडस्ट्री में यह अनोखी खोज पहली बार की गई है.

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