सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में एक अनोखी घटना घटी, जब चलती ट्रेन में एक गर्भवती महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। स्लीपर कोच में सफर कर रही महिला यात्रियों ने मिल-जुलकर प्रसव में मदद की और जीआरपी व रेलवे स्टाफ ने सतना स्टेशन पर पहुंचने पर एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और यात्रियों ने इस पल को जीवन का सबसे सुंदर सफर बताया।
Publish Date: Sun, 24 Aug 2025 12:34:53 PM (IST)
Updated Date: Sun, 24 Aug 2025 12:44:41 PM (IST)
HighLights
- मैहर और सतना के बीच हुई प्रसव पीड़ा, महिला यात्रियों ने निभाई दाई की भूमिका।
- जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, ट्रेन के अंदर यात्रियों ने मनाई खुशी और दी बधाई।
- सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस अब सिर्फ एक ट्रेन नहीं, जननी एक्सप्रेस बन गई है।
सतना। कभी मुसाफिरों को मंज़िल तक पहुँचाने वाली ट्रेन, आज किसी की ज़िंदगी की शुरुआत की गवाह बन गई। सूरत से भागलपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन रविवार सुबह एक अनोखी और भावुक घटना की साक्षी बनी, जब ट्रेन के स्लीपर कोच में सफर कर रही 21 वर्षीय गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह क्षण न केवल मानवीय संवेदना से भरपूर था, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि संकट की घड़ी में अनजान मुसाफिर कैसे अपनों से बढक़र बन जाते हैं।
मैहर और सतना के बीच हुई प्रसव पीड़ा
ट्रेन संख्या 22947 में सवार राज कुमारी अपने पति राजेश कुमार के साथ उधना से भागलपुर की यात्रा पर थीं। जैसे ही ट्रेन मैहर और सतना के बीच पहुंची, राज कुमारी को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होते देख स्लीपर कोच की महिला यात्रियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई। उन्होंने चादरों से पर्दा बनाकर अस्थायी प्रसव कक्ष तैयार किया और मिल-जुलकर महिला की डिलीवरी करवाई।
संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल बनी जीआरपी और रेलवे स्टाफ
महिला यात्रियों ने न सिर्फ प्रसव में मदद की, बल्कि तुरंत जीआरपी को भी सूचित किया। सतना स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ को तैयार कर दिया गया था। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची, मां और नवजात को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, मुसाफिरों ने मनाई खुशी
डॉक्टरों की टीम ने मां और नवजात की जांच की और दोनों को पूर्णत: स्वस्थ घोषित किया। अस्पताल से खबर मिलते ही ट्रेन में सवार यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। यात्रियों ने इसे ‘जीवन का सबसे सुंदर सफर’ बताया और कहा कि ‘सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस अब सिर्फ एक ट्रेन नहीं, जननी एक्सप्रेस बन गई है।’
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