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दांतों की सड़न यानी कैविटी एक ऐसी समस्या है, जो धीरे-धीरे दांतों को अंदर से खोखला कर देती है. मीठा खाने की आदत, रात में ब्रश न करना और मुंह की सही सफाई न रखना इसके बड़े कारण हैं. विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते इलाज और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इस गंभीर समस्या से बचा जा सकता है.
चंदौली. दांतों की सड़न एक ऐसा साइलेंट किलर है, जो बिना आहट आपके दांतों को पूरी तरह नष्ट कर सकता है. मीठा खाने और रात को ब्रश न करने की आदत कैसे आपके दांतों में छेद कर रही है और आयुर्वेद में इसका क्या सटीक समाधान है, जानने के लिए पढ़ें यह पूरी खबर.
लापरवाही हो सकती है खतरनाक
डॉ. पल्लव प्रजापति ने लोकल 18 से बातचीत में दांतों की सड़न यानी कैविटी को लेकर गंभीर चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि कैविटी का मुख्य कारण दांतों की सही तरीके से सफाई न होना है. जब दांतों पर प्लाक और बैक्टीरिया जमा होते रहते हैं, तो धीरे-धीरे दांतों में कीड़े लगने लगते हैं. अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता बच्चों के दांतों में हो रही सड़न को नजर अंदाज कर देते हैं, जिसे वे सामान्य समस्या समझते हैं, लेकिन यह लापरवाही आगे चलकर खतरनाक साबित हो सकती है.
दूसरे दांतों में फैल सकता है संक्रमण
डॉ. प्रजापति के अनुसार, दांतों में लगी सड़न यदि समय पर ठीक न की जाए, तो यह जड़ यानी रूट कैनाल तक पहुंच सकती है और संक्रमण दूसरे दांतों में भी फैल सकता है, ऐसी स्थिति में बीमारी जटिल रूप ले सकती है और इलाज लंबा व महंगा हो सकता है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में ही इलाज कराने से कम खर्च और कम प्रक्रिया में समस्या का समाधान संभव है, लेकिन देर होने पर रूट कैनाल उपचार की जरूरत पड़ सकती है. संक्रमण फैलने पर मुंह के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
बैक्टीरिया कम करने में होगी सहायक
दांतों की सड़न से बचाव के लिए उन्होंने नियमित ब्रशिंग और मुंह की साफ-सफाई पर जोर दिया. साथ ही, आयुर्वेद में बताए गए उपायों को भी कारगर बताया. उन्होंने ‘ऑयल पुलिंग’ तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें औषधीय तेल को कुछ समय तक मुंह में रखकर कुल्ला किया जाता है और फिर उसे थूक दिया जाता है. यह प्रक्रिया मुंह के बैक्टीरिया को कम करने में सहायक हो सकती है. आयुर्वेद में इसे ‘कवल’ और ‘गंडूष’ जैसी विधियों के रूप में बताया गया है. अलग-अलग स्थितियों में डॉक्टर की सलाह से तेल, क्वाथ या पानी का उपयोग किया जाता है.
हल्के में न लें दांतों की समस्या
वहीं, डॉ. प्रजापति ने कहा कि इन पारंपरिक विधियों को अपनाकर दांतों को स्वस्थ रखा जा सकता है और मुंह से बदबू आना, छाले होना और दांतों में कीड़े लगने जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दांतों की समस्याओं को हल्के में न लें और समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं, ताकि भविष्य में गंभीर दिक्कतों से बचा जा सके.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें