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आजकल की युवा पीढ़ी फास्ट फूड की ओर अधिक आकर्षित हो रही है, जिससे उनके शरीर में कई स्वास्थ्य समस्याएं उभर रही हैं. इसी कड़ी में लोग मोमोज को भी अधिक पसंद कर रहे हैं और इसका नियमित सेवन कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. चिकित्सकों का मानना है कि मोमोज का अधिक सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है.
आजकल के लोग मोमोज के बड़े शौकीन हो गए हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि यह उनके लिए धीरे-धीरे हानिकारक साबित हो सकता है. अधिक मात्रा में मोमोज का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. मैदे के इस्तेमाल से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलना हो सकते हैं. साथ ही, स्ट्रीट-स्टाइल मोमोज में मैदे को मुलायम बनाने के लिए हानिकारक रसायन जैसे बेंजोयल पेरोक्साइड और एजोडीकार्बोक्सामाइड डाले जाते हैं, जो पैंक्रियाज को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

जिला अस्पताल में डायटीशियन के पद पर तैनात डॉ. सपना सिंह के अनुसार, मोमोज में कैलोरी और वसा की मात्रा अधिक होती है, खासकर तले हुए मोमोज में. इसका सेवन करने से वजन तेजी से बढ़ सकता है. इसके अलावा, अन्य कई मामलों में भी मोमोज का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है और शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है.

मोमोज में फाइबर की कमी और मैदे में मौजूद केमिकल के कारण कब्ज, पेट फूलना और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यही वजह है कि यह पेट और पाचन तंत्र के लिए हानिकारक माने जाते हैं. चिकित्सक भी हमेशा इसके अधिक सेवन से बचने की सलाह देते हैं.

मैदे से बने मोमोज में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स मौजूद होते हैं, जो रक्त में शर्करा के स्तर में अचानक उतार-चढ़ाव ला सकते हैं. इसके परिणामस्वरूप थकान, चिड़चिड़ापन और एनर्जी में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

मैदे में इस्तेमाल होने वाले रसायन, जैसे एजोडिकार्बोनामाइड, पैंक्रियास पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं. यह इंसुलिन उत्पादन को प्रभावित करता है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा देता है. इसी वजह से चिकित्सक मोमोज का सेवन कम करने या परहेज करने की सलाह देते हैं.

मोमोज में उच्च मात्रा में अनहेल्दी फैट्स और सोडियम पाए जाते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ सकता है. यह हृदय रोगों और अन्य कार्डियोवस्कुलर समस्याओं का खतरा बढ़ा देता है.

मोमोज का अधिक सेवन हड्डियों के लिए भी हानिकारक हो सकता है. इसमें मौजूद मैदा शरीर से कैल्शियम अवशोषण की प्रक्रिया को बाधित करता है, जिससे हड्डियां कमजोर और भंगुर हो सकती हैं.