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नई दिल्ली. जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन ने ‘टेरावेव’ (TeraWave) नाम से एक नए सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क की घोषणा की है. यह नेटवर्क 5,400 से ज्यादा सैटेलाइट्स का एक समूह होगा, जो विशेष रूप से बड़े बिजनेस, डेटा सेंटर्स और सरकारी एजेंसियों को सुपरफास्ट इंटरनेट की सुविधा देगा.
नई दिल्ली. अंतरिक्ष की रेस अब और दिलचस्प हो गई है. दुनिया के 2 सबसे अमीर लोग अंतरिक्ष में एक-दूसरे से भिड़ने को तैयार हैं. अमेजन के मालिक जेफ बेजोस की एयरोस्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन ने 21 जनवरी को अपने मेगा-कॉन्स्टेलेशन प्रोजेक्ट ‘टेरावेव’ का एलान किया है. इस नेटवर्क के तहत पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में 5,280 सैटेलाइट और मध्यम कक्षा (MEO) में 128 सैटेलाइट स्थापित किए जाएंगे. ब्लू ओरिजिन के मुताबिक, टेरावेव का मुख्य फोकस आम ग्राहकों के बजाय उन संगठनों पर होगा जिन्हें बहुत अधिक डेटा और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की जरूरत होती है. बता दें कि इस क्षेत्र में पहले से ही मस्क की स्टारलिंक काम कर रही है.
टेरावेव के सैटेलाइट्स रेडियो फ्रीक्वेंसी और लेजर तकनीक का इस्तेमाल करेंगे. जहां इसके LEO सैटेलाइट 144 जीबीपीएस (Gbps) तक की स्पीड देंगे, वहीं MEO सैटेलाइट लेजर की मदद से 6 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) जैसी अविश्वसनीय इंटरनेट स्पीड प्रदान करने में सक्षम होंगे.
बिजनेस और सरकारों के लिए खास
यह नेटवर्क उन डेटा सेंटर्स और सरकारी विभागों के लिए डिजाइन किया गया है जिन्हें सुरक्षित, तेज और बड़े पैमाने पर डेटा ट्रांसफर की जरूरत होती है. यह स्टारलिंक और अमेजन के अपने ही प्रोजेक्ट ‘अमेजन लियो’ से अलग होगा, जो मुख्य रूप से घरेलू यूजर्स के लिए हैं.
2027 से शुरू होगा काम
ब्लू ओरिजिन की योजना 2027 की चौथी तिमाही से इस नेटवर्क का निर्माण शुरू करने की है. यह मस्क के स्टारलिंक (9,500+ सैटेलाइट) और चीन के मेगा-प्रोजेक्ट्स (13,000+ सैटेलाइट) को सीधी चुनौती देगा.
बेजोस के दो अलग प्रोजेक्ट्स
दिलचस्प बात यह है कि बेजोस की दो कंपनियां अब सैटेलाइट इंटरनेट के बाजार में होंगी. ‘अमेजन लियो’ (पुराना नाम प्रोजेक्ट कुइपर) जहाँ 3,200 सैटेलाइट्स के साथ आम जनता के लिए होगा, वहीं ‘ब्लू ओरिजिन’ का टेरावेव पूरी तरह से प्रोफेशनल और सरकारी इस्तेमाल के लिए समर्पित होगा.
मस्क के स्टारलिंक की बादशाहत
- मस्क का ‘स्टारलिंक’: जो पहले से है किंग सैटेलाइट इंटरनेट की दुनिया में एलन मस्क की कंपनी Starlink फिलहाल सबसे आगे है.
- विशाल नेटवर्क: मस्क के 9,500 से ज्यादा सैटेलाइट्स पहले से ही अंतरिक्ष में मौजूद हैं और लगभग 150 देशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
- घर-घर तक पहुंच: स्टारलिंक ने सैटेलाइट इंटरनेट को आम आदमी के लिए सुलभ बनाया है. भारत में भी मस्क बहुत जल्द अपना सस्ता ‘अनलिमिटेड डेटा प्लान’ (करीब ₹840/महीना) लाने की तैयारी में हैं.
- 2026 की बड़ी योजना: मस्क अब अपने सैटेलाइट्स को पृथ्वी के और करीब लाने पर काम कर रहे हैं ताकि इंटरनेट की स्पीड को 1Gbps तक पहुंचाया जा सके और कनेक्टिविटी को और सुरक्षित बनाया जा सके.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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