नई दिल्ली: प्रशांत महासागर के द्वीप राष्ट्र टोंगा में मंगलवार को कुदरत का भयंकर रूप देखने को मिला. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार यहां 7.6 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप आया. इस भूकंप का केंद्र धरती की सतह से लगभग 238 किलोमीटर नीचे गहराई में स्थित था. भूकंप का केंद्र नेआफू शहर से करीब 150 किलोमीटर दूर दर्ज किया गया है. यह पूरा क्षेत्र दुनिया की सबसे एक्टिव टेक्टोनिक सीमाओं में से एक माना जाता है. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी नुकुअलोफा में चेतावनी के सायरन बजने लगे. लोग घबराकर ऊंची इमारतों और सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे.
क्या टोंगा में सुनामी आने का खतरा बना हुआ है?
भूकंप के तुरंत बाद टोंगा के आपदा प्रबंधन कार्यालय ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की थी. प्रशासन ने लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की. हालांकि पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने बाद में राहत भरी खबर दी.
विशेषज्ञों ने बताया कि भूकंप का केंद्र बहुत अधिक गहराई में था. इतनी गहराई में आने वाले भूकंप आमतौर पर समुद्र में बड़ी लहरें पैदा नहीं करते. इसी वजह से सुनामी का खतरा फिलहाल टल गया है.
अभी तक जान-माल के किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है. लेकिन स्थानीय लोग अभी भी दहशत के साये में जी रहे हैं.
रिंग ऑफ फायर में अचानक क्यों बढ़ी यह हलचल?
हाल ही में यहां 6.0 तीव्रता से ज्यादा के तीन बड़े झटके महसूस किए गए. सीस्मोलॉजिस्ट इन गतिविधियों को ‘अर्थक्वेक स्वार्म’ कह रहे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा का संकेत हो सकता है. यह हलचल प्रशांत महासागरीय प्लेट के भीतर बढ़ते तनाव को साफ दर्शा रही है.
क्या साल 2022 जैसी तबाही दोबारा देखने को मिलेगी?
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