पलामू : केंद्र और राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह की योजनाएं संचालित की जा रही हैं. स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं. बल्कि अपने परिवार और समाज में भी नई पहचान बना रही हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड की कंकारी पंचायत की रहने वाली प्रतिमा देवी की है, जिन्होंने समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदल दी है.
पहले घर की हालत थी कमजोर
प्रतिमा देवी बताती हैं कि कुछ साल पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. वह ज्यादातर घर में खाली बैठी रहती थीं और उनके पति होटल में मजदूरी का काम करते थे. पति की कमाई से घर चलाना मुश्किल हो जाता था. बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती थी. कई बार सोचती थीं कि कुछ काम करें, लेकिन रास्ता समझ में नहीं आता था.
समूह से जुड़ने के बाद बदली सोच
करीब 3 साल पहले प्रतिमा देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं. समूह की बैठकों में उन्हें बचत, लोन और छोटे व्यवसाय की जानकारी मिली. यहीं से उनके मन में कुछ नया करने की इच्छा जागी. उन्होंने अलग-अलग कामों पर विचार करना शुरू किया. इसी दौरान उनके पति ने सुझाव दिया कि क्यों न अपना छोटा सा होटल खोला जाए. यह विचार प्रतिमा देवी को पसंद आया और दोनों ने मिलकर आगे बढ़ने का फैसला किया.
लोन लेकर खोला होटल
समूह से जुड़ने के बाद प्रतिमा देवी को एक लाख रुपये का लोन मिला. इसी पूंजी से उन्होंने छोटे स्तर पर होटल खोलने की शुरुआत की. शुरुआत में चुनौतियां जरूर थीं, लेकिन मेहनत और लगन से धीरे-धीरे होटल चलने लगा. चाय, नाश्ता और खाना मिलने की सुविधा के कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी.
आज होटल के साथ किराना दुकान भी
होटल से होने वाली आमदनी को बचाकर प्रतिमा देवी ने आगे कदम बढ़ाया और किराना दुकान भी शुरू कर दी. अब होटल और दुकान दोनों एक साथ चल रही है. होटल में समोसा, चाट, चाय, नाश्ता और खाना समेत कई तरह के आइटम बनाए जाते हैं. आसपास के लोग उनके होटल का खाना पसंद करते हैं.
महीने में कर रहीं 50000 की कमाई
प्रतिमा देवी बताती हैं कि अब हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक की कमाई हो जाती है. इससे घर की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है. बच्चों की पढ़ाई अच्छे से हो रही है और परिवार सम्मान के साथ जीवन जी रहा है.
आगे बढ़ने की नई तैयारी
प्रतिमा देवी अब फिर से लोन लेकर अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. वह कहती हैं कि अगर महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे कुछ भी कर सकती हैं. उनकी कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.
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